Wednesday , 19 August 2026

झारखंड में छात्रों के आंदोलन के आगे झुकी सरकार: 44 भर्ती परीक्षाएं एक झटके में रद्द, एजेंसी ब्लैकलिस्ट और फास्ट ट्रैक कोर्ट की तैयारी

झारखंड में प्रतियोगी छात्रों के जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार रात सरकार ने 8 अलग-अलग आधिकारिक अधिसूचनाएं जारी करते हुए कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की विस्तृत सूची जारी कर दी। रद्द की गई इन परीक्षाओं में वर्ष 2014 से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं, जिनमें गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं।

डिप्टी कलेक्टर से लेकर सिविल जज तक की भर्तियां निरस्त

रद्द की गई 44 भर्ती परीक्षाओं में कई अहम प्रशासनिक और तकनीकी पद शामिल हैं। इनमें ड्रग इंस्पेक्टर (औषधि निरीक्षक), असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक प्राध्यापक), डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर (दंत चिकित्सक), असिस्टेंट इंजीनियर (सहायक अभियंता), सिविल जज, अतिरिक्त लोक अभियोजक (अडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (वन क्षेत्राधिकारी) के पद शामिल हैं। इनके अलावा सरकारी पॉलिटेक्निक लेक्चरर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, सहायक वन संरक्षक और विभिन्न प्रशासनिक पदों के लिए हुई परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं।

सीएम सोरेन की मैराथन बैठक के बाद सख्त फैसले

यह बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित चार घंटे की आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद अमल में लाई गई है। कैबिनेट ने आंदोलनरत अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके साथ ही वर्ष 2014 से विवादित एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और परिणामों को अमान्य घोषित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने इस एजेंसी को भविष्य के लिए पूरी तरह ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनेगी उच्चस्तरीय समिति

JPSC और JSSC में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एक प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक भी शामिल होंगे। समिति परीक्षा सुधारों पर व्यापक अध्ययन कर अगले दो महीनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट का अनुरोध, विजिलेंस सेल का होगा गठन

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जारी अधिसूचना में कहा गया है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली और अनियमितताओं के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय से फास्ट ट्रैक कोर्ट (त्वरित अदालतें) गठित करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भर्ती प्रक्रियाओं पर निरंतर निगरानी रखने के लिए JPSC और JSSC दोनों आयोगों में एक आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ (इंटरनल विजिलेंस सेल) भी स्थापित किया जाएगा।

 

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