लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम अब तकनीक के एक नए और आधुनिक दौर में प्रवेश कर चुकी है। अवध क्षेत्र सहित प्रदेश के 10 जिलों में सक्रिय ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के जरिए अब ग्रामीण महिलाएं केवल दूध उत्पादन ही नहीं, बल्कि मोबाइल एप के जरिए पूरे व्यापार का प्रबंधन भी खुद करेंगी। इस डिजिटल पहल से प्रतिदिन 4 लाख लीटर से अधिक दूध के कारोबार को पारदर्शी बनाया जा रहा है।
1.25 लाख महिलाओं के हाथ में दूध के व्यापार की कमान
योगी सरकार द्वारा तैयार किया गया यह पारदर्शी दुग्ध नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था की एक नई रीढ़ बनकर उभरा है। अवध और आसपास के जिलों में सवा लाख से अधिक महिलाओं को इस मुहिम से जोड़ा जा चुका है। अब इन महिलाओं के कंधों पर केवल पशुपालन की ही नहीं, बल्कि तकनीकी प्रबंधन और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जिम्मेदारी होगी। गांव-गांव में स्थापित दुग्ध संग्रह केंद्रों का संचालन पूरी तरह महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतरीन अवसर मिले हैं।
सीधे बैंक खाते में भुगतान, बिचौलियों का खेल खत्म
सरकार की प्राथमिकता केवल दूध की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है। महिला पशुपालकों को महीने में तीन बार (हर दस दिन के अंतराल पर) सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। इस डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिससे पशुपालकों को उनके दूध का उचित और पूरा मूल्य मिल रहा है।
इन 10 जिलों में बिछा महिलाओं का डिजिटल नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित जिलों में महिलाओं का यह विशाल नेटवर्क पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है:
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लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली
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अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी
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उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर।
‘सामर्थ्य साथी’ एप: मोबाइल पर दिखेगा हर बूंद का हिसाब
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इस पूरे कारोबार को हाईटेक बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ मोबाइल एप लॉन्च किया गया है। इस एप के माध्यम से महिलाओं को निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:
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रियल टाइम डेटा: दूध की बिक्री और मात्रा की तत्काल जानकारी।
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क्वालिटी चेक: दूध की गुणवत्ता जांच की पारदर्शी रिपोर्ट।
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पेमेंट ट्रैक: भुगतान की स्थिति और पिछले रिकॉर्ड की निगरानी।
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तकनीकी प्रशिक्षण: महिलाओं को डिजिटल साक्षर बनाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान।
योगी सरकार की यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश के ‘आत्मनिर्भर गांव’ के मॉडल को भी धरातल पर उतार रही है। अब प्रदेश की दुग्ध क्रांति गांव की चौपालों से निकलकर मोबाइल की स्क्रीन तक पहुंच गई है।
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