Wednesday , 17 June 2026

ट्विशा शर्मा मौत मामला: हाई कोर्ट से लेकर जिला अदालत तक हाई वोल्टेज ड्रामा, 30 हजार का इनामी पति भेष बदलकर सरेंडर करने पहुंचा, पुलिस ने दबोचा

जबलपुर/भोपाल।   मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में शुक्रवार, 22 मई 2026 को जबलपुर हाई कोर्ट और जिला अदालत परिसर में पूरे दिन हाई वोल्टेज ड्रामे का सिलसिला चलता रहा। इस मामले का मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह, जो घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था, आखिरकार कोर्ट तो पहुंचा लेकिन उसकी सरेंडर करने की चालाकी धरी की धरी रह गई। भेष बदलकर पहुंचे समर्थ सिंह को पुलिस ने कोर्ट परिसर के बाहर से ही अपनी हिरासत में ले लिया, जिसके बाद अदालती गलियारों में हड़कंप मच गया।

शादी के महज 5 महीने बाद संदिग्ध मौत, रिटायर्ड जज सास पर भी आरोप

मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की बीती 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनकी ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी। इस शादी को अभी सिर्फ पांच महीने का ही वक्त बीता था। ट्विशा के मायके वालों का सीधा आरोप है कि शादी के बाद से ही पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह (जो कि एक रिटायर्ड जज हैं) उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। परिवार का कहना है कि इसी मानसिक और शारीरिक क्रूरता से तंग आकर ट्विशा ने आत्मघाती कदम उठाया। भोपाल पुलिस ने इस मामले में समर्थ सिंह के खिलाफ क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया था और उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

कैप, मास्क और गमछा लपेटकर भेष बदलकर पहुंचा था इनामी आरोपी

गिरफ्तारी से बचने के लिए समर्थ सिंह ने पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में अग्रिम जमानत (Anticipated Bail) की अर्जी लगाई थी, क्योंकि भोपाल जिला अदालत से उसकी याचिका पहले ही खारिज हो चुकी थी। जब हाई कोर्ट से भी राहत की उम्मीद कम दिखी, तो शुक्रवार शाम को समर्थ सिंह बेहद शातिराना अंदाज में सिर पर कैप, आंखों पर सनग्लास, चेहरे पर मास्क और गमछा लपेटकर जबलपुर जिला अदालत में सरेंडर करने पहुंच गया। लेकिन वहां पहले से ही मौजूद ट्विशा के परिजनों और वकीलों ने उसे पहचान लिया, जिसके बाद कोर्ट परिसर में भारी हंगामा शुरू हो गया।

कोर्ट ने नहीं दी राहत, जबलपुर पुलिस ने दबोचकर भोपाल पुलिस को सौंपा

जबलपुर जिला अदालत ने समर्थ सिंह की सरेंडर अर्जी पर सख्त रुख अपनाते हुए उसे भोपाल की संबंधित अदालत में ही सरेंडर करने का निर्देश दिया। जैसे ही समर्थ सिंह कोर्ट रूम से बाहर निकला, पहले से मुस्तैद जबलपुर पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद देर रात आरोपी समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस की स्पेशल टीम के हवाले कर दिया गया, जो उसे लेकर भोपाल रवाना हो गई है।

दिल्ली AIIMS में होगा दोबारा पोस्टमॉर्टम, परिजनों ने की CBI जांच की मांग

भोपाल पुलिस की हिरासत में आने के बाद अब समर्थ सिंह से इस पूरी साजिश को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस बीच मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और मृतका के परिवार की लिखित मांग पर प्रशासन ने ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम (Re-Postmortem) दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से कराने का फैसला लिया है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार अब इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग पर अड़ा हुआ है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर देश के रसूखदार परिवारों में छिपे दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के काले चेहरे पर एक नई राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस रिमांड में समर्थ सिंह क्या राज उगलता है और क्या ट्विशा को इंसाफ मिल पाता है।

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