विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित गाजुवाका इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ही परिवार के तीन सगे भाई अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। घर से गायब होने के साथ ही तीनों बच्चों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब पाए गए हैं। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्चों की तलाश में विशेष टीमों का गठन कर दिया है।
माता-पिता रहते हैं अलग, चाचा के पास रहकर पढ़ाई कर रहे थे तीनों मासूम
जानकारी के अनुसार, पुराने गाजुवाका के कैलाश नगर निवासी राघवेंद्र राव और उनकी पत्नी अश्विनी के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा इंटरमीडिएट (12वीं), दूसरा बेटा नौवीं और सबसे छोटा बेटा पांचवीं कक्षा का छात्र है। पारिवारिक विवाद के कारण माता-पिता काफी समय से अलग रह रहे थे। पिता घर छोड़कर जा चुके हैं, जबकि मां अपने मायके महाराष्ट्र के सोलापुर में रह रही हैं। ऐसे में तीनों बच्चे गाजुवाका में अपने छोटे चाचा सोमलिंगा के संरक्षण में रहकर पढ़ाई कर रहे थे।
दो दिन पहले अचानक हुए गायब, रिश्तेदारों में नहीं मिला कोई सुराग
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले तीनों भाई घर से बिना बताए अचानक कहीं चले गए। जब देर रात तक वे वापस नहीं लौटे, तो चाचा ने आसपास के इलाके, दोस्तों और रिश्तेदारों के यहाँ काफी तलाश की। कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने गाजुवाका पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी।
मामा ने दिया था फोन, व्हाट्सएप पर भेजे गए थे पढ़ाई के सर्टिफिकेट
मामले की पड़ताल के दौरान पुलिस के हाथ एक अहम सुराग लगा है। जांच में पता चला कि करीब 20 दिन पहले बच्चों के मामा अक्षय विशाखापत्तनम आए थे और उन्होंने बच्चों को एक नया मोबाइल फोन दिया था। तीनों भाई उसी मोबाइल के जरिए अपने मामा से लगातार संपर्क में थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गायब होने से पहले बच्चों ने अपने शैक्षणिक दस्तावेजों की तस्वीरें भी मोबाइल के जरिए मामा को भेजी थीं। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि बच्चों के अचानक चले जाने में मामा की कोई अहम भूमिका हो सकती है।
स्पेशल टीम गठित, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी
गाजुवाका के सर्किल इंस्पेक्टर वासु नायडू ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ा रही है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीनों बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला जाएगा और पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
voice of india
