
वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक साउथ कोरियाई जोड़ी को चटाई धूल
फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी के सामने चुनौती बेहद कठिन मानी जा रही थी, क्योंकि खिताबी भिड़ंत दक्षिण कोरिया की उस मजबूत टीम से थी जिसने इसी टूर्नामेंट में 27 सितंबर को 160 में से 160 का परफेक्ट स्कोर दागकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया था। कागजों पर कोरियाई जोड़ी का पलड़ा भारी दिख रहा था, लेकिन दबाव भरे माहौल में चिकिता और साहिल ने अपने नर्व्स पर गजब का नियंत्रण रखा। उन्होंने कोरिया के अजेय समझे जाने वाले रिकॉर्ड की परवाह किए बिना शुरुआत से ही सटीक निशाने लगाकर मैच को बेहद कड़ा बना दिया।
रोंगटे खड़े कर देने वाले शूट-ऑफ में हुआ फैसला
स्वर्ण पदक के इस महामुकाबले में दोनों ही टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। निर्धारित राउंड्स के बाद मुकाबला बराबरी पर छूटा, जिसके चलते विजेता का फैसला ‘शूट-ऑफ’ के जरिए हुआ। दबाव के चरम क्षणों में साहिल और चिकिता ने अपनी एकाग्रता नहीं खोई और दोनों भारतीय तीरंदाजों ने लगातार 10-10 अंक के परफेक्ट निशाने साधे। दूसरी ओर, दक्षिण कोरियाई तीरंदाज इस दबाव को नहीं झेल सके और उनका स्कोर 10 और 9 रहा। कुल 20-19 के अंतर से भारत ने शूट-ऑफ अपने नाम करते हुए मुकाबला और गोल्ड मेडल जीत लिया, जबकि दक्षिण कोरिया को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इस इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल चीन की झोली में गया।
एशियन गेम्स में भारत का दूसरा गोल्ड, चिकिता का डबल धमाका
20वें एशियन गेम्स के आर्चरी मुकाबलों में भारत का यह दूसरा गोल्ड मेडल है। व्यक्तिगत तौर पर स्टार आर्चर चिकिता के लिए यह टूर्नामेंट बेहद यादगार साबित हुआ है, क्योंकि यह उनका दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले चिकिता ने महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में ज्योति और प्रिथिका के साथ मिलकर स्वर्णिम सफलता हासिल की थी। अब मिक्स्ड टीम में साहिल जाधव के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज कर उन्होंने न केवल भारतीय तीरंदाजी का कद बढ़ाया है, बल्कि आगामी ओलंपिक के लिए पदक की उम्मीदों को भी पंख लगा दिए हैं।
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