Wednesday , 30 September 2026

क्या पेरेंट्स पढ़ सकते हैं बच्चों के Instagram मैसेज? Meta ने साफ किए नियम, जानिए कैसे काम करता है ‘सुपरविजन’ टूल

अगर आपके घर में भी टीनएज बच्चे हैं और वे दिन-रात इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते हैं, तो एक माता-पिता के तौर पर उनकी ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। हालांकि, मेटा (Meta) की आधिकारिक पॉलिसी के अनुसार, माता-पिता अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के इंस्टाग्राम अकाउंट को सीधे लॉगिन करके नहीं देख सकते। इंस्टाग्राम के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, डिजिटल प्राइवेसी कानूनों के तहत कंपनी किसी भी ऐसे व्यक्ति को सीधे अकाउंट का एक्सेस नहीं देती जो उसका अधिकृत यूजर नहीं है। 13 वर्ष या उससे अधिक आयु के यूजर्स को इंस्टाग्राम अपने अकाउंट का प्राथमिक और अधिकृत खाताधारक मानता है, इसलिए माता-पिता बिना अनुमति सीधे उनके प्रोफाइल में प्रवेश नहीं कर सकते।

बिना प्राइवेसी तोड़े कैसे नजर रख सकते हैं पेरेंट्स?

माता-पिता को सीधे अकाउंट एक्सेस तो नहीं मिलता, लेकिन मेटा ने ‘पैरेंटल सुपरविजन’ (Parental Supervision) नाम से एक सशक्त टूल पेश किया है। इस टूल का मकसद टीन्स की निजता का सम्मान करते हुए उन्हें ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखना है। सुपरविजन फीचर के जरिए गार्जियन यह देख सकते हैं कि उनका बच्चा इंस्टाग्राम पर कितना वक्त बिता रहा है और उसकी प्राइवेसी सेटिंग्स क्या हैं। इतना ही नहीं, यदि टीनएज यूजर किसी ऐसी सेटिंग को बदलने की कोशिश करता है जिससे सुरक्षा में सेंध लग सकती है, तो पेरेंट्स को इसका अलर्ट मिलता है और वे उस बदलाव को स्वीकार या अस्वीकार कर सकते हैं।

किन देशों और इलाकों में मिलता है ‘एक्स्ट्रा सुपरविजन’?

मेटा ने स्थानीय डिजिटल कानूनों के अनुपालन के तहत चुनिंदा क्षेत्रों में ‘एक्स्ट्रा सुपरविजन’ (Extra Supervision) की सुविधा दी है। यह विशेष सुरक्षा विकल्प अमेरिका के फ्लोरिडा, कनेक्टिकट, टेक्सास और प्यूर्टो रिको के अलावा इंडोनेशिया, यूरोपीय संघ (EU), वियतनाम और ब्राजील जैसे देशों में लागू है। इन क्षेत्रों में रहने वाले अभिभावक अपने बच्चे की उम्र पात्रता के आधार पर न केवल इंस्टाग्राम, बल्कि फेसबुक, मैसेंजर और मेटा होराइजन जैसी अन्य मेटा सेवाओं पर भी अतिरिक्त नियंत्रण और डेटा डाउनलोड जैसी सुविधाएं हासिल कर सकते हैं।

सुपरविजन ऑन करने के लिए जरूरी है सरकारी पहचान पत्र

मेटा सुरक्षा और प्रामाणिकता से कोई समझौता नहीं करता। सुपरविजन फीचर एक्टिवेट करने से पहले कंपनी माता-पिता से पहचान की पुष्टि (ID Verification) मांग सकती है, ताकि कोई अनजान व्यक्ति बच्चे की निगरानी न करने लगे। इसके लिए वैध सरकारी पहचान पत्र या दो अधिकृत गैर-सरकारी दस्तावेज अपलोड करने पड़ते हैं। इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया में 48 घंटे तक का समय लग सकता है। मेटा का दावा है कि ये दस्तावेज पूरी तरह एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित रहते हैं तथा पुष्टि के 30 दिनों के भीतर इन्हें सर्वर से पूरी तरह डिलीट कर दिया जाता है। इस पहचान का इस्तेमाल विज्ञापनों या अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए कभी नहीं किया जाता।

टीनएजर की सहमति के बिना मुमकिन नहीं निगरानी

पहचान प्रमाणित होने के बाद अभिभावक अपने बच्चे को सुपरविजन से जुड़ने का इनवाइट भेजते हैं। इस प्रक्रिया की सबसे अहम कड़ी यह है कि बच्चे को यह पुष्टि करनी होती है कि अनुरोध भेजने वाला व्यक्ति वास्तव में उसका माता-पिता या गार्जियन है। अगर बच्चा 7 दिनों के भीतर अनुरोध स्वीकार नहीं करता, तो दोबारा आमंत्रण भेजा जा सकता है। लगातार अनदेखा किए जाने पर मेटा रिश्ते की पुष्टि के लिए अतिरिक्त दस्तावेज (जैसे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र) की मांग भी कर सकता है। साफ है कि इंस्टाग्राम बच्चों की निजी चैट पढ़ने की सीधी छूट नहीं देता, बल्कि सुपरविजन के जरिए एक सुरक्षित और पारदर्शी डिजिटल माहौल तैयार करता है।

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