Thursday , 25 June 2026

वेनेजुएला में 125 साल का सबसे भीषण महाभूकंप: 39 सेकंड में दो विनाशकारी झटकों से मलबे का ढेर बनी राजधानी काराकास, 10,000 मौतों की आशंका

नई दिल्ली/काराकास। लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला के उत्तरी-मध्य हिस्से में कुदरत का एक ऐसा खौफनाक और विनाशकारी मंजर देखने को मिला है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। महज 39 सेकंड के भीतर आए दो बैक-टू-बैक (एक के बाद एक) महाभूकंपों ने देश की राजधानी काराकास सहित कई प्रमुख और घने बसे शहरों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह वेनेजुएला के इतिहास में पिछले 125 वर्षों में आई सबसे भीषण और प्रलयकारी भूकंपीय त्रासदी है। इस महाविनाश को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और वैश्विक राहत एजेंसियों ने आशंका जताई है कि मलबे के नीचे दबने के कारण कम से कम 10,000 से अधिक लोगों की जान जा सकती है।

7.1 और 7.5 की तीव्रता से कांपा देश, कोलंबिया तक हिली धरती

इस भयानक प्राकृतिक आपदा की शुरुआत वेनेजुएला के उत्तरी-मध्य क्षेत्र में आए 7.1 तीव्रता के पहले जोरदार झटके से हुई। लोग अभी इस झटके की दहशत से संभल भी नहीं पाए थे और घरों से बाहर भाग ही रहे थे कि ठीक 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली मुख्य झटका आया।

भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस महाभूकंप का केंद्र मुख्य रूप से युमारे और मोंटाल्बान के पास, जमीन से महज 10 किलोमीटर की उथली गहराई (Shallow Depth) पर था। केंद्र की गहराई कम होने के कारण जमीन के ऊपर इसका असर बेहद घातक और जानलेवा रहा। इस विनाशकारी झटके का कंपन इतना तीव्र था कि पड़ोसी देश कोलंबिया की राजधानी बोगोटा सहित कई कैरेबियाई द्वीपों तक की धरती बुरी तरह डोल गई।

सोशल मीडिया पर तबाही का लाइव मंजर, ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतें

वेनेजुएला में आए इस जलजले के बाद सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और तस्वीरें रूह कंपा देने वाले हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रहे लाइव वीडियो में राजधानी काराकास और ला ग्वायरा की कई बहुमंजिला और गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढहती हुई दिखाई दे रही हैं।

पल भर में कंक्रीट के विशाल ढांचे जमींदोज हो गए और देखते ही देखते चारों तरफ धूल का एक काला गुबार आसमान में छा गया। सड़कों पर इस समय केवल चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी का माहौल है। जान बचाने के लिए लोग अपने बच्चों और पालतू जानवरों को गोद में उठाकर रोते-बिलखते हुए सुरक्षित स्थानों और खुले मैदानों की तरफ भागते नजर आ रहे हैं।

राष्ट्रीय आपातकाल घोषित, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और ग्रिड पूरी तरह ठप

भूकंप के तुरंत बाद वेनेजुएला सरकार ने देश में तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) लागू कर दिया है। वालेंसिया और ला ग्वायरा जैसे प्रमुख शहरों में बड़े-बड़े लग्जरी होटल, बिजली ग्रिड, सब-स्टेशन और सरकारी परिसरों को भारी नुकसान पहुंचा है। मलबे के कारण सड़कें ब्लॉक हो गई हैं और कई इलाकों में बिजली, मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं।

इसके साथ ही, देश के मुख्य मैक्वेटिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे और मुख्य इमारतों में गहरी दरारें आने के बाद सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जिससे देश का संपर्क दुनिया से कट गया है।

राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती, लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स

स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार, इस समय सबसे बड़ी चुनौती मलबे के विशाल ढेरों के नीचे दबे हजारों लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकालना है। स्थानीय पुलिस, सेना के जवान और नागरिक सुरक्षा दल मिलकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं।

लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा लगातार आ रहे भूकंप के बाद के झटके (Aftershocks) बन रहे हैं, जिससे बची हुई क्षतिग्रस्त इमारतों के भी गिरने का खतरा पैदा हो गया है। सरकार ने हाई अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से सख्त अपील की है कि वे अभी अपने क्षतिग्रस्त मकानों के अंदर न जाएं और प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों या खुले मैदानों में ही शरण लें।

 

 

 

 

 

 

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