अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार तड़के अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और जवाबी एयरस्ट्राइक की है। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा तीन कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों को निशाना बनाए जाने के ठीक कुछ घंटों बाद की गई। अमेरिकी सेना के इस भीषण हमले से दक्षिणी ईरान में स्थित केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक के इलाके दहल उठे हैं।
खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच अमेरिका का बड़ा हमला, कांप उठा ईरान
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में दक्षिणी ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों, मिसाइल डिपो और बंदरगाहों को निशाना बनाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह भीषण हवाई हमले ठीक उस समय हुए, जब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की रस्में चल रही थीं। धमाके इतने जोरदार थे कि ईरान के केशम और खार्ग द्वीपों पर कई किलोमीटर दूर तक इनकी आवाजें सुनी गईं। इस हमले में ईरान के कई सैनिकों के घायल होने और सैन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।

CENTCOM ने की पुष्टि: जहाजों पर हमले का अमेरिका ने लिया बदला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर इन हमलों की पुष्टि की है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर जो कायरतापूर्ण हमले हुए थे, यह कार्रवाई उसी का सीधा जवाब है। अमेरिका ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में खलल डालने की ईरान को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने पर भड़का अमेरिका
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने कड़े बयान में कहा, “अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के भीतर कई जोरदार और सटीक हमले शुरू किए हैं। इसका एकमात्र मकसद अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में निर्दोष नागरिकों और कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने के लिए ईरान पर भारी वित्तीय और सैन्य चोट करना है।” अमेरिकी सेना ने ईरान पर पूर्व में हुए युद्धविराम समझौतों का सरेआम उल्लंघन करने और वैश्विक समुद्री सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डालने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
ईरान को अमेरिका का डबल झटका; तेल बेचने का लाइसेंस किया रद्द
हवाई हमलों के साथ-साथ अमेरिका ने ईरान की रीढ़ तोड़ने के लिए आर्थिक मोर्चे पर भी बहुत बड़ा झटका दिया है। तीन तेल टैंकरों पर ईरान द्वारा किए गए प्रोजेक्टाइल हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर, अमेरिका ने उस विशेष लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है जिसके तहत ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की छूट मिली हुई थी। यह छूट दोनों देशों के बीच लड़ाई खत्म करने के लिए हुए एक अंतरिम समझौते के तहत दी गई थी। इस प्रतिबंध के बाद होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा तो बढ़ा ही है, साथ ही वैश्विक आर्थिक दबाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने का भी डर सताने लगा है।
ईरान की अमेरिका को खुली धमकी: भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
दूसरी ओर, अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की सरकार और सेना भी पूरी तरह से युद्ध के मोड में आ गई है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि इस गुंडागर्दी के वाशिंगटन को बेहद गंभीर और विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे। ईरान ने उल्टा अमेरिका पर ही शांति समझौते को तोड़ने का आरोप मढ़ा है। तेहरान ने खुली धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई तुरंत नहीं रोकी, तो ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने और पलटवार करने से पीछे नहीं हटेगा।
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