Monday , 25 May 2026

लखनऊ में पारा 45 पार, हाहाकारी लू के बीच डीएम का बड़ा फैसला: आज से ही बंद हुए सभी स्कूल, नियमों को ठेंगा दिखाने वालों पर गिरेगी गाज

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आसमान से बरसती आग और लगातार बढ़ते लू (हीटवेव) के जानलेवा प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ा और अहम फैसला लिया है। नौनिहालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी (DM) लखनऊ ने समय से पहले ही सभी शैक्षणिक बोर्डों के स्कूलों में ग्रीष्मावकाश (गर्मियों की छुट्टियां) घोषित करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन के नए फरमान के मुताबिक, 22 मई 2026 से राजधानी के सभी स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे। यह आदेश लखनऊ के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी (प्राइवेट) स्कूलों पर समान रूप से सख्ती के साथ लागू होगा।

मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद जागा प्रशासन

उत्तर प्रदेश के कई इलाकों सहित लखनऊ में पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा लगातार जारी किए जा रहे गंभीर हीटवेव अलर्ट और इस चेतावनी के बाद कि आने वाले दिनों में तापमान सामान्य से कहीं अधिक रहेगा, प्रशासन तुरंत हरकत में आया। डॉक्टरों ने भी सलाह दी थी कि दोपहर की भीषण धूप बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए छात्रों के हित में यह बड़ा आपातकालीन निर्णय लिया गया है।

मनमानी कर रहे स्कूलों पर कड़ा चाबुक

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शहर के कई नामी और निजी स्कूल अभी तक ग्रीष्मावकाश घोषित करने में आनाकानी कर रहे थे। इसके चलते नन्हे-मुन्ने बच्चों को दोपहर की चिलचिलाती धूप, उमस और थपेड़े मारती लू के बीच स्कूल आने-जाने पर मजबूर होना पड़ रहा था। इस बेहद गंभीर और संवेदनशील स्थिति का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर सभी स्कूलों को ताला लगाने का निर्देश दिया है।

नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी एफआईआर

जिलाधिकारी लखनऊ ने अपने आदेश में बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई भी स्कूल प्रबंधन इस आदेश की अवहेलना करते हुए या चोरी-छिपे कक्षाएं संचालित करते पाया गया, तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश की प्रतियां जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और सूचना विभाग को औचक निरीक्षण के लिए भेज दी गई हैं।

अभिभावकों को मिली बड़ी राहत, बीमार हो रहे थे बच्चे

प्रशासन के इस फैसले के बाद राजधानी के लाखों अभिभावकों और छात्रों ने बड़ी राहत की सांस ली है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी के कारण कई बच्चों में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), उल्टी-दस्त, चक्कर आना और अत्यधिक कमजोरी जैसी स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही थीं। पैरेंट्स एसोसिएशन भी लगातार स्कूल बंद करने की मांग कर रहा था।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की ‘हेल्थ एडवाइजरी’

लखनऊ में दोपहर के समय सड़कें पूरी तरह सूनी नजर आने लगी हैं और लू के थपेड़े लोगों को बेहाल कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल आने वाले एक हफ्ते तक गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:

  • दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बहुत जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलें।

  • शरीर में पानी की कमी न होने दें, लगातार ओआरएस (ORS), नींबू पानी या सादा पानी पीते रहें।

  • बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।

  • बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर बनाए रखें।

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