Tuesday , 7 July 2026

बिल्हौर में संदिग्ध मौत: गृह कलह के चंद घंटे बाद किसान ने तोड़ा दम, बीमारी और खुदकुशी के दावों के बीच उलझी गुत्थी

बिल्हौर (कानपुर)। अरौल थाना क्षेत्र के एक गांव में किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को लेकर जहां एक तरफ गांव में घरेलू कलह के बाद गुस्से में जहरीला पदार्थ खाने की चर्चाएं आम हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार इसे अत्यधिक शराब की लत के कारण तबीयत बिगड़ने का मामला बता रहा है। इस रहस्यमयी मौत के बीच सबसे अहम मोड़ तब आया जब परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस भी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर लौट गई। पोस्टमॉर्टम न होने के कारण मौत की असली वजह अब हमेशा के लिए दफन हो गई है।

ट्रैक्टर चलाकर पालता था पेट, शनिवार को हुआ था भारी पारिवारिक विवाद

जानकारी के मुताबिक, अरौल थाना क्षेत्र के नसिरापुर गांव के रहने वाले अवधेश सक्सेना उर्फ लाला (45 वर्ष) पेशे से किसान थे और दूसरों का ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे लवकुश व छोटू और एक शादीशुदा बेटी है। ग्रामीणों ने बताया कि अवधेश को काफी समय से शराब पीने की लत थी, जिसके कारण अक्सर घर में कलह होती थी। शनिवार को भी शराब के नशे में अवधेश का अपनी पत्नी और बच्चों से किसी बात को लेकर तीखा विवाद हो गया। झगड़ा इतना बढ़ गया कि किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची डायल-112 की टीम ने इसे पारिवारिक मामला देखते हुए दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और वहां से चली गई।

पुलिस के जाते ही बिगड़ी हालत, रास्ते में तोड़ा दम; करंट और जहर की चर्चाएं तेज

पुलिस के जाने के कुछ ही समय बाद अवधेश की हालत अचानक बेहद नाजुक हो गई। ग्रामीणों में यह चर्चा तेजी से फैल गई कि पुलिस के जाने के बाद अवधेश ने गुस्से और आवेश में आकर घर में रखा कोई जहरीला पदार्थ गटक लिया। हालांकि, इसके उलट परिजनों का कहना था कि शराब की गंभीर लत के कारण अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी थी। परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर भागे, लेकिन बदकिस्मत से अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में अवधेश ने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से किया मना, बिना जांच के हुआ अंतिम संस्कार

किसान की मौत की खबर मिलते ही अरौल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू की और परिजनों से पूछताछ की। लेकिन, मृतक के परिवार ने किसी भी तरह की साजिश या हत्या की आशंका से साफ इनकार कर दिया। परिजनों ने पुलिस को लिखित रूप से पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया और शव का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।

मामले की जानकारी देते हुए अरौल थानाध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला सामान्य मौत का ही लग रहा है। चूंकि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है और न ही कोई लिखित शिकायत दर्ज कराई है, साथ ही उन्होंने पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम कराने से भी मना कर दिया है, इसलिए पुलिस ने नियमानुसार आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।

 

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