Tuesday , 1 September 2026

‘साहब! किसी तरह बचा लीजिए’… आंसुओं से भीगी इमरजेंसी….कौशांबी के मनौरी ब्लास्ट में घायलों की चीख-पुकार से दहला SRN अस्पताल

मासूम प्रियांजलि समेत 3 की मौत, 4 वेंटिलेटर पर

प्रयागराज। कौशांबी के मोहम्मदपुर मनौरी स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट का खौफनाक और दिल दहला देने वाला मंजर सोमवार को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल की इमरजेंसी में देखने को मिला। धमाके के बाद गंभीर रूप से झुलसे और घायल हुए मरीजों के अस्पताल पहुंचते ही परिसर में चीख-पुकार और बदहवासी का माहौल बन गया। कोई अपने बच्चों को पुकार रहा था तो कोई डॉक्टरों के आगे हाथ जोड़कर अपनों की जिंदगी की भीख मांग रहा था। डॉक्टरों ने 5 वर्षीय मासूम प्रियांजलि सहित 3 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 4 घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।

‘साहब! किसी तरह बचा लीजिए’… आंसुओं से भीगी इमरजेंसी

धमाके के बाद एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में एक के बाद एक एंबुलेंस घायलों को लेकर पहुंचीं। किसी का शरीर बारूद की आग से बुरी तरह झुलसा हुआ था तो कोई मलबे और छर्रों की चोट से कराह रहा था। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद 5 वर्षीय प्रियांजलि, 13 वर्षीय प्रवीण सिंह और 32 वर्षीय अंजू को बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिन परिजनों को कुछ देर पहले तक अपनों के बचने की उम्मीद थी, मौत की खबर मिलते ही वे फर्श पर गिरकर बिलख पड़े। तीनों मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है, जहां मंगलवार को उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

तीन भाई-बहनों में सबसे लाडली थी 5 साल की प्रियांजलि

हादसे का शिकार हुई 5 वर्षीय प्रियांजलि तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी। उसके पिता कौशांबी स्थित एक बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत हैं और घटना के समय वे ड्यूटी पर थे। घर में प्रियांजलि अपनी मां, दो भाइयों और अन्य सदस्यों के साथ मौजूद थी। अस्पताल पहुंचे प्रियांजलि के मामा मंजीत अपनी भांजी की मौत की खबर सुनते ही बेसुध होकर गिर पड़े।

4 घायलों की हालत नाजुक, वेंटिलेटर सपोर्ट पर चल रहा इलाज

अस्पताल में भर्ती कराए गए 5 घायलों में से चार की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है:

  • वेंटिलेटर पर गंभीर घायल: सविता देवी (33), उर्वशी (16), राजेश कुमार (45) और अनीता (35) की हालत अत्यंत नाजुक है, जिन्हें लाइफ सपोर्ट (वेंटिलेटर) पर रखा गया है।

  • खतरे से बाहर: घायल माला देवी (36) की स्थिति फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और वरिष्ठ सर्जनों की टीम ने संभाला मोर्चा

घायलों के अस्पताल पहुंचते ही मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.के. वर्मा, एसआरएन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह और डॉ. अमित सिंह तुरंत ट्रॉमा सेंटर के ट्रायज रूम पहुंचे और उपचार की कमान संभाली। प्राचार्य डॉ. वर्मा ने घायलों का गहन परीक्षण किया और क्रिटिकल केयर, ट्रॉमा व सर्जरी विभागों की आपातकालीन टीमों को तैनात किया। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वैभव श्रीवास्तव, डॉ. सूर्यभान कुशवाहा, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. अनिल सिंह और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. राजकुमार चौधरी सहित विशेषज्ञ डॉक्टरों की पूरी टीम 24 घंटे घायलों की निगरानी में जुटी हुई है।

 

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