ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा (थाना ईकोटेक-प्रथम) के लुक्सर गांव में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए हुई कारोबारी नितिन नागर की बेरहम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मंगलवार देर रात हुई एक मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी मोनू को गोली लगने के बाद दबोच लिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मोनू के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथियों राजेश और नितिन को कांबिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया।
दिनदहाड़े दी गई थी खौफनाक मौत: पत्नी और बच्चों के सामने रेता गला
मंगलवार दोपहर लुक्सर गांव उस वक्त दहल उठा था, जब 28 वर्षीय कारोबारी नितिन नागर को बदमाशों ने घेर लिया। बदमाशों ने पहले उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और जब वह गिर गए, तो उनकी छाती पर बैठकर सरेआम गला रेत दिया। यह मंजर देख जब नितिन की पत्नी और मासूम बच्चे उन्हें बचाने दौड़े, तो बदमाशों ने पिस्टल लहराते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। बहादुर पत्नी ने ईंट उठाकर हमलावरों का मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन तब तक बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे।
2024 के पुराने ‘खूनी विवाद’ से जुड़े हैं हत्या के तार
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह हत्या अगस्त 2024 में हुए ठेकेदार विनय सिंह की हत्या का बदला है। उस वक्त विनय की हत्या का आरोप नितिन नागर पर लगा था और दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। नितिन हाल ही में रक्षाबंधन पर जमानत पर जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आते ही उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नितिन अपने पिता की इकलौती संतान था और अपना आरओ प्लांट (RO Plant) व ई-रिक्शा एजेंसी चलाता था।
आधी रात को मुठभेड़, घेराबंदी कर दबोचे गए हत्यारे
अपर पुलिस उपायुक्त सुधीर कुमार के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि नितिन की हत्या में शामिल बदमाश ग्राम पुआरी के पास छिपे हैं। पुलिस टीम ने जब घेराबंदी की, तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी मोनू घायल हो गया। पुलिस ने बदमाशों के पास से हत्या में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मोनू और नितिन लुक्सर गांव के हैं, जबकि राजेश घघोला का रहने वाला है।
खुद को बचाने के लिए आरोपी ने खुद को किया घायल
वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी सचिन फिलहाल फरार है। वहीं, एक दिलचस्प खुलासा यह हुआ है कि एक आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद पर ही धारदार हथियार से हमला कर लिया था, ताकि वह अस्पताल में भर्ती होकर पुलिस को गुमराह कर सके। वर्तमान में वह पुलिस की निगरानी में अस्पताल में भर्ती है। इस पूरी वारदात का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
अस्पताल में लोगों का फूटा गुस्सा, पुलिस की तीन टीमें कर रही जांच
नितिन की मौत के बाद ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी और आक्रोश व्यक्त किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले में नामजद अन्य सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
voice of india
