Monday , 29 June 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: 24 सेकंड के ‘ब्लैक बैग’ वाले वीडियो ने उड़ाए होश, आरोपियों के घरों में आधी रात रेड, मिला कुबेर का खजाना!

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। भव्य राम मंदिर में प्रभु राम के चढ़ावे की चोरी के मामले में हर दिन ऐसे खुलासे हो रहे हैं जो पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा रहे हैं। इस महा-चोरी कांड में अब एक ऐसा 24 सेकंड का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जिसने पूरी तफ्तीश की दिशा ही बदल दी है। इस वीडियो में आरोपी अविनाश शुक्ला पुलिस और बैंक कर्मियों के घेरे में एक सफेद रंग की लग्जरी कार की तरफ बढ़ता दिख रहा है, और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसके हाथ में एक रहस्यमयी काले रंग का बैग (Black Bag) है। सूत्रों की मानें तो इसी बैग में चोरी का वो ‘कैश’ था जिसे पुलिस ने बरामद किया है।

CCTV फुटेज में खुला 5 जून की काली रात का राज

अमर उजाला को खोजी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह वायरल सीसीटीवी फुटेज बीती 5 जून 2026 की रात ठीक 8 बजकर 13 मिनट का है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खाकी वर्दीधारियों और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में आरोपी अविनाश शुक्ला को एक सफेद कार तक ले जाया जा रहा है। अविनाश के हाथ में दिख रहा काला बैग इस समय पूरी जांच का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। बताया जा रहा है कि जब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मंदिर के चढ़ावे में बड़ी हेराफेरी की भनक लगी, तो पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए अविनाश के ठिकाने पर धावा बोला था। सूत्रों का दावा है कि इसी दौरान बैग से लगभग 5 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी, हालांकि पुलिस अभी इस जब्ती पर आधिकारिक मुहर लगाने से बच रही है।

क्या ट्रस्ट को पहले ही मिल गई थी भनक? उठ रहे बड़े सवाल

इस पूरे मामले में एक और बेहद हैरान करने वाला मोड़ सामने आया है। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का दावा है कि राम मंदिर में चढ़ावे की इस कथित चोरी की भनक ट्रस्ट के आला पदाधिकारियों को काफी पहले ही लग चुकी थी। चर्चा है कि 5 जून को ही ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों के गुप्त निर्देश पर कुछ प्रतिनिधियों ने पुलिस को साथ लेकर आरोपी के ठिकाने पर पहली छापेमारी की थी। यानी जो मामला 7 जून को दुनिया के सामने आया, उसकी स्क्रिप्ट 5 जून को ही लिखी जा चुकी थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर पुलिस को 5 जून को ही सब पता चल गया था, तो मामले में लिखित शिकायत दर्ज होने में देरी क्यों हुई?

रविवार की सुबह अयोध्या पुलिस का महा-ऐक्शन, एक साथ कई ठिकानों पर रेड

मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या पुलिस ने रविवार की सुबह-सुबह ताबड़तोड़ कार्रवाई की। डिप्टी एसपी (DSP) स्तर के बड़े अधिकारी की अगुवाई में पुलिस की कई टीमों ने इस कांड में गिरफ्तार सभी आरोपियों के घरों पर एक साथ धावा बोल दिया। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, उसके भतीजे मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा और रमा शंकर मिश्रा के घरों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। लगभग डेढ़ से ढाई घंटे तक चली इस मैराथन छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के घरों का कोना-कोना छान मारा।

पारदर्शिता के लिए जिला प्रशासन की टीम भी रही मौजूद

इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस के साथ जिला प्रशासन की एक विशेष टीम भी साए की तरह मौजूद रही। प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती इसलिए की गई थी ताकि पूरी तलाशी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और आरोपियों के परिजन बाद में पुलिस पर कोई गलत आरोप न लगा सकें। मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अफसरों की निगरानी में ही पुलिस की टीमों ने घरों में प्रवेश किया और पूरी लिखापढ़ी के बाद बाहर निकलीं।

स्वर्गद्वार मोहल्ले में खंगाला कोना-कोना, खुली अलमारियां और बक्से

अयोध्या के स्वर्गद्वार मोहल्ले में जब मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और मनीष यादव के घर पुलिस की गाड़ियां रुकीं, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों के सामने ही पुलिस ने घर की अलमारियां, लोहे के बक्से, वीआईपी सूटकेस और यहां तक कि महिलाओं के पर्स तक खंगाल डाले। मौके पर मौजूद एक पड़ोसी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने तलाशी में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि, इस ढाई घंटे की तलाशी में मौके से कोई बड़ी नकदी तो नहीं मिली, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ बेहद महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं।

प्रॉपर्टी के दस्तावेज और जेवरात बरामद, अब नपेगी बेनामी संपत्ति

भले ही रविवार की रेड में पुलिस को भारी कैश न मिला हो, लेकिन कुछ आरोपियों के घरों से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और जमीन-जायदाद (Property Documents) से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब इन सभी कागजातों का बारीकी से सत्यापन (Verification) करा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुट गई हैं कि ये संपत्तियां कब खरीदी गईं, इनकी असल कीमत क्या है और इन्हें खरीदने के लिए पैसा कहां से आया? शक गहरा है कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी की रकम से अयोध्या और आसपास के इलाकों में बेनामी संपत्तियां खड़ी की गई हैं।

अब खंगाले जाएंगे बैंक अकाउंट, वित्तीय लेन-देन पर कसेगा शिकंजा

अयोध्या पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों के बैंक खातों (Bank Accounts) का पोस्टमार्टम करने की तैयारी में है। जांच का अगला चरण पूरी तरह से फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर आधारित होगा। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के पिछले कुछ सालों के इनकम सोर्स, बैंक स्टेटमेंट और हाल ही में किए गए बड़े लेन-देन की जांच के लिए फॉरेंसिक ऑडिटर्स की मदद भी ली जा सकती है।

इस महा-चोरी कांड में भले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हों, लेकिन अयोध्या की गलियों में अभी भी कई अनुत्तरित सवाल तैर रहे हैं:

  • अगर 5 जून को ही रिकवरी हो गई थी, तो पुलिस की आधिकारिक डायरी में खेल कब दर्ज हुआ?

  • सीसीटीवी में दिख रहे काले बैग का असली रहस्य क्या है?

  • क्या इस सिंडिकेट में कुछ और सफेदपोश या रसूखदार लोग भी शामिल हैं?

  • क्या चोरी की रकम से खरीदी गई संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा?

Check Also

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड में एक और महा-धमाका: अब 2 बैंक कर्मियों पर कसा शिकंजा, नोट गिनने के खेल में ऐसे उड़ते थे हर बार 2-3 लाख रुपये, आज एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट में होगी पेशी!

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या के भव्य राम मंदिर में प्रभु राम के चढ़ावे और चंदे …