अयोध्या/बाराबंकी। राम मंदिर के चढ़ावे और दान के कथित गबन के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। इस संवेदनशील मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रदेश सरकार को घेरने की रणनीति के तहत आज कांग्रेस नेताओं का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल अयोध्या में रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए निकलने वाला था। लेकिन इस दौरे से ठीक पहले प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या के ही एक होटल में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया है। इसके साथ ही बाराबंकी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद एपी गौतम को भी उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है।
गाड़ी का गेट रोककर अड़े पुलिसकर्मी, पूर्व सांसद एपी गौतम को जबरन रोका
इस हाई-प्रोफाइल दौरे को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने के लिए बाराबंकी निवासी और कांग्रेस के दो बार के राज्यसभा सांसद व वरिष्ठ नेता एपी गौतम ने अयोध्या जाने की पुरजोर कोशिश की। वह अपने आवास से बाहर निकलकर गाड़ी में बैठ भी गए थे, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने उनकी गाड़ी का गेट जबरन रोक लिया। पुलिस की इस सख्त घेराबंदी के आगे पूर्व सांसद मजबूर हो गए और उन्हें गाड़ी से उतरकर वापस अपने आवास के अंदर जाकर बैठना पड़ा, जिसके बाद ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
सांसदों और पूर्व मंत्रियों की फौज थी तैयार, प्रशासन को दी थी सूचना
कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम की लिखित जानकारी स्थानीय प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी। अजय राय के नेतृत्व में तैयार किए गए इस शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई दिग्गज चेहरे शामिल थे, जिनमें:
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किशोरी लाल शर्मा (सांसद, अमेठी)
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तनुज पुनिया (सांसद, बाराबंकी)
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राकेश राठौर (सांसद, सीतापुर)
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उज्ज्वल रमण सिंह (सांसद, प्रयागराज)
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वीरेंद्र चौधरी (विधायक व पूर्व विधायक, फरेंदा/महराजगंज)
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दीपक सिंह (पूर्व विधान परिषद सदस्य/एमएलसी)
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मीता गौतम (पूर्व विधायक, बाराबंकी)
इन सभी नेताओं के अयोध्या पहुंचने के कार्यक्रम को देखते हुए पूरे अयोध्या धाम और आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
SIT जांच और 8 गिरफ्तारियों के बीच भाजपा को चौतरफा घेरने की रणनीति
कांग्रेस नेताओं का यह अयोध्या दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राम मंदिर दानपेटी और चढ़ावा चोरी के प्रकरण को लेकर प्रदेश में भारी राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। इस मामले में एसआईटी (SIT) की जांच शुरू होने और आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष के हौसले बुलंद हैं। इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव भी इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर हमला बोल चुके हैं। अब कांग्रेस भी इस मुद्दे के जरिए सीधे भाजपा पर निशाना साध रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस इस धार्मिक और संवेदनशील मुद्दे पर अपनी सक्रियता बढ़ाकर भाजपा के कोर एजेंडे पर ही उसे बैकफुट पर लाने की तैयारी में है।
राजेंद्र पाल गौतम को कमान, नए सामाजिक समीकरण साधने में जुटी कांग्रेस
उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों और सांगठनिक मजबूती के बीच कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में भी एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। पार्टी ने यूपी के प्रदेश प्रभारी के पद से अविनाश पांडेय को हटाकर उनकी जगह राजेंद्र पाल गौतम को नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राजेंद्र पाल गौतम दलित समुदाय से आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के जरिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने पुराने सामाजिक समीकरणों (विशेषकर दलित और पिछड़ा वर्ग) को दोबारा मजबूत करने और पार्टी कैडर में नई जान फूंकने की पुरजोर कोशिश कर रही है।
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