Saturday , 12 September 2026

PM Modi-Xi Jinping Meeting: 7 साल बाद भारत आ रहे शी चिनफिंग, द्विपक्षीय बातचीत से पहले चीनी राजदूत का बड़ा बयान; कहा- मिलकर सुलझाएंगे मतभेद

नई दिल्ली भारत और चीन के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आ रहा है। भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन, भारत के साथ मिलकर आपसी मतभेदों को सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चीनी राजदूत का यह अहम बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति शी चिनफिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए भारत पहुंच रहे हैं।

शाम 5:45 बजे होगी दोनों शीर्ष नेताओं की द्विपक्षीय वार्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर आयोजित हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन के इतर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए पुष्टि की कि दोनों पक्षों की ओर से बैठक की तैयारियां पूरी हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग आज शाम 5:45 बजे आमने-सामने बैठकर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

कजान और तियानजिन के बाद तीसरी सीधी मुलाकात राजदूत शू फेइहोंग के अनुसार, कजान और तियानजिन में हुई बैठकों के बाद दोनों वैश्विक नेताओं की यह लगातार तीसरी उच्चस्तरीय मुलाकात होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन दोनों शीर्ष नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन का पालन करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक नजरिए से आगे बढ़ाने के पक्ष में है। चीन का लक्ष्य दोनों देशों के बीच आपसी संवाद का दायरा बढ़ाना, सहयोग के नए रास्ते तलाशना, मतभेदों का उचित समाधान निकालना और एक-दूसरे के विकास में सहभागी पड़ोसी की भूमिका निभाना है।

गलवान विवाद के बाद पहली बार भारत की धरती पर चिनफिंग साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक सैन्य झड़प के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में गहरा तनाव पैदा हो गया था। उस गतिरोध के बाद यह पहला मौका है जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग लगभग सात साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय सरजमीं पर कदम रख रहे हैं। हाल के दिनों में कूटनीतिक और सैन्य वार्ताओं के जरिए संबंधों में जो क्रमिक सुधार देखा गया है, उसके लिहाज से आज होने वाली मोदी-चिनफिंग वार्ता को क्षेत्रीय शांति और वैश्विक राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

 

Check Also

Asian Games 2026: एशियन गेम्स से पहले भारतीय वुशु में बड़ा विवाद, टीम से बाहर होने पर रो पड़ीं दिव्यांशी; ‘मां-पापा माफ करना…छलका खिलाड़ी का दर्द

 जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने जा रहे 20वें एशियन गेम्स से …