मोहाली। सीमा पार (पाकिस्तान) से जारी आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ा एक्शन लिया है। भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए पंजाब और राजधानी दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में दहशत फैलाने और आतंकी हमलों की साजिश रचने के मामले में NIA ने दो आरोपियों के खिलाफ मोहाली की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों की मदद से भारत में IED, अत्याधुनिक हथियार और हेरोइन की खेप भेजकर बड़े पैमाने पर तबाही मचाने का प्लान तैयार किया गया था।
शुभम कुमार और फरार जसवीर चौधरी पर कसता शिकंजा
NIA द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार और फिलहाल फरार चल रहे उसके साथी जसवीर चौधरी को नामजद किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
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गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA)
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भारतीय न्याय संहिता (BNS)
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विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act)
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आर्म्स एक्ट (Arms Act)
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NDPS एक्ट (एनडीपीएस एक्ट)
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रेलवे एक्ट (Railway Act)
यात्री ट्रेन में टाइमर IED से धमाके की थी साजिश
जांच एजेंसी द्वारा किए गए खुलासों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार को पाकिस्तान में मौजूद उसके आकाओं (हैंडलरों) की ओर से टाइमर से लैस एक जिंदा IED मिला था। उसे इस टाइमर IED को एक चलती यात्री ट्रेन में प्लांट करने का काम सौंपा गया था, ताकि एक बड़ा धमाका कर भारी संख्या में लोगों की जान ली जा सके। एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क केवल एक स्थान तक सीमित नहीं था, बल्कि पंजाब और दिल्ली जैसे बड़े राज्यों व शहरों में क्रमिक आतंकी हमले करने की पूरी तैयारी थी।
अमृतसर SSOC से शुरू हुई जांच, NIA ने संभाली कमान
इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ फरवरी 2026 में अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) द्वारा दर्ज किए गए मामले से हुआ था। उसी समय पुलिस ने शुभम कुमार को धर दबोचा था। उसकी गिरफ्तारी के दौरान बरामद सामान ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए थे:
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1 जिंदा IED और रिमोट कंट्रोल
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विदेशी .30 बोर की पिस्टल और मैगजीन
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20 जिंदा कारतूस
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हेरोइन और मोबाइल फोन
मामले की संवेदनशीलता और सीमा पार (पाकिस्तान) से जुड़े तारों को देखते हुए मार्च 2026 में NIA ने जांच की कमान अपने हाथ में ले ली थी।
डिजिटल सबूतों का पुलिंदा तैयार, पाकिस्तान के हैंडलरों की तलाश जारी
NIA का कहना है कि जांच के दौरान डिजिटल एविडेंस, कॉल रिकॉर्ड्स और महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्र किए गए हैं, जो अदालत में आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत का काम करेंगे। एजेंसी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर मोहाली की विशेष NIA अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी खत्म नहीं हुई है। पाकिस्तान में बैठे मुख्य हैंडलरों और भारत में मौजूद उनके स्लीपर सेल नेटवर्क की पहचान की जा रही है। साथ ही इस बात की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है कि सीमा पार से नशीले पदार्थों, IED और हथियारों की सप्लाई के लिए किन-किन घुसपैठ के रास्तों और कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था।
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