
नई दिल्ली देश के कई राज्यों में मानसून के फिर से सक्रिय होने के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में पुल बहने से सामरिक रूप से अहम घाटियों का संपर्क कट गया है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियां उफान पर हैं जिससे लाखों लोग बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने कुछ ही घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश का अनुमान लगाते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।
पिथौरागढ़ में 170 फीट लंबा वैली ब्रिज बहा, तीन घाटियों से कटा संपर्क उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश के चलते कुलागाड़ नाले में आए तेज बहाव ने 170 फीट लंबे बैली ब्रिज को बहा दिया। इस पुल के टूटने से भारत-चीन सीमा से लगी सामरिक व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों का जमीनी संपर्क पूरी तरह कट गया है। गंभीर बात यह है कि यह पुल मात्र 16 दिन पहले 27 अगस्त को ही तैयार हुआ था, क्योंकि 18 अगस्त को पहाड़ी से चट्टान गिरने के कारण पुराना पुल तबाह हो गया था। इस बीच देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और उत्तरकाशी में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। राहत की बात यह है कि चीरबासा में बादल फटने से बाधित हुआ केदारनाथ पैदल मार्ग श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया गया है, हालांकि खच्चरों की आवाजाही पर अभी रोक रहेगी।
छत्तीसगढ़ में सेल्फी लेते वक्त हादसा: 3 कॉलेज छात्र नदी में बहे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी के तेज बहाव में तीन कॉलेज छात्र बह गए। बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के आठ छात्र-छात्राएं देवरी गांव में पिकनिक मनाने पहुंचे थे। नदी के किनारे सेल्फी लेने के दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया, जिसे बचाने के फेर में दो अन्य छात्र भी उफनती नदी की चपेट में आ गए। गोताखोरों और प्रशासन की मदद से तीनों की तलाश जारी है।
बिहार में 47 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में, 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बिहार में गंगा समेत आठ प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पार बह रही हैं। राज्य के 14 से अधिक जिलों के करीब 2,360 गांवों में 44 से 47 लाख लोग बाढ़ से बेहाल हैं। 27 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। शनिवार को भी दक्षिण-पूर्व और सीमांचल के नौ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी (यलो अलर्ट) जारी की गई है।
उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़, 60 जिलों में भारी बारिश का अनुमान उत्तर प्रदेश में लौटते मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के 26 जिले बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जिससे करीब चार लाख की आबादी सीधे प्रभावित हुई है। अब तक 21 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाया जा चुका है। कानपुर और उन्नाव में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है और तटीय बस्तियों में 10 फीट तक पानी भर गया है। मिर्जापुर में पुलों के ऊपर पानी चढ़ चुका है, जबकि फर्रुखाबाद में स्टेट हाईवे का 400 मीटर हिस्सा जलमग्न हो गया है। मौसम विभाग ने लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद समेत 60 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली में रेड अलर्ट, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मानसून की वापसी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार की बारिश के बाद मौसम विभाग ने शनिवार को कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया है। यह दौर रविवार तक जारी रहने का अनुमान है। वहीं मध्य प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है; भोपाल में कम दृश्यता और दमोह के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। राजस्थान के 29 जिलों में भी बादल बरसने की संभावना है, जहां शुक्रवार को अलवर और दौसा की सड़कों पर जलभराव देखा गया था।
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