
दुबई/तेहरान: रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर लगातार हो रहे हमलों के बाद भारी मात्रा में कच्चे तेल का रिसाव शुरू हो गया है। समुद्र में तेजी से फैल रही तेल की यह मोटी परत अब ईरान के केश्म और सिरी द्वीप के तटों से लेकर ओमान के तटीय क्षेत्रों तक जा पहुंची है। अनुमान के मुताबिक, अब तक करीब 3.80 लाख लीटर तेल समुद्र में बह चुका है, जिससे लगभग 2000 वर्ग किलोमीटर का समुद्री क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
हमलों के बाद 2 टैंकरों से लगातार बह रहा तेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओमान के निकट ‘मिनोअन पायनियर’ और ‘कैरोलीन बेजेंगी’ नामक दो वाणिज्यिक तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद से ही समुद्र में अनियंत्रित रूप से तेल का रिसाव हो रहा है। समुद्री लहरों के साथ बहकर यह तेल ईरान के तटीय इलाकों तक पहुंच चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, ईरान के पास लगभग 300 वर्ग किलोमीटर और ओमान के तटीय इलाके में करीब 390 वर्ग किलोमीटर के दायरे में समुद्र पर तेल की परत तैर रही है। यह स्थिति स्थानीय समुद्री जीवों और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
जहाजों की आवाजाही ठप, शैडो फ्लीट संचालन पर भी संकट
समुद्र में बड़े पैमाने पर तेल फैलने के कारण होर्मुज में सामान्य जहाजों का संचालन बेहद जोखिम भरा हो गया है। जहाजों के इंजन से निकलने वाली चिंगारी से समुद्र में आग भड़कने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, इंजन को ठंडा रखने (कूलिंग) के लिए खींचे जाने वाले समुद्री पानी के साथ तेल अंदर जाने से जहाजों की मशीनरी पूरी तरह खराब होने की आशंका है। इस संकट के चलते शैडो फ्लीट के जरिए होने वाली तेल की गुप्त आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
सैन्य तनाव और ड्रोन हमलों के डर से रुकी सफाई मुहिम
ओमान को छोड़कर किसी भी देश या अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने अब तक समुद्र से तेल साफ करने का अभियान शुरू नहीं किया है। क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के खतरे के कारण कोई भी अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसी या क्लीन-अप क्रू समुद्र में उतरने का जोखिम नहीं ले रहा है।
यूएई के टैंकर और ‘अजदार’ अंडरवाटर ड्रोन ने बढ़ाई चिंता
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तेल टैंकरों को भी निशाना बनाए जाने की सूचना है, जिससे रिसाव का दायरा और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, 200 किलोग्राम विस्फोटक ले जाने और 600 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम अंडरवाटर ड्रोन ‘अजदार’ के इस्तेमाल से समुद्री मार्गों पर खतरा पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।
होर्मुज की संभावित पूर्ण बंदी और आगे की चुनौतियां
तमाम शर्तों के पूरा होने तक होर्मुज को बंद रखने के बयानों के बीच रडार बंद करके निकलने वाले जहाजों पर हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है। नाकेबंदी के कारण तेल व्यापार ठप होने और स्टोरेज क्षमता सीमित होने की स्थिति में तेल को समुद्र में बहाए जाने की नौबत आ सकती है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में किसी समझौते के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सफाई करना एक बेहद जटिल और लंबी प्रक्रिया साबित होगी।
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