Thursday , 9 July 2026

दिल्ली में बड़ा हादसा: रोहिणी में ढही चार मंजिला निर्माणाधीन इमारत, मलबे से निकली 3 लाशें, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहां बुधवार शाम एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर जमींदोज हो गई। इस भीषण हादसे में अब तक तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे में दबे जिंदगियों को बचाने के लिए पूरी रात युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

पुलिस और राहत एजेंसियों के मुताबिक, मलबे के नीचे अब भी कुछ और लोगों के दबे होने की गंभीर आशंका है, जिन्हें बाहर निकालने के लिए एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं।

मलबे से चीख-पुकार के बीच रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा, खाली कराई गईं आसपास की इमारतें

दिल्ली पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे रोहिणी में इस निर्माणाधीन इमारत के गिरने की पहली सूचना मिली। हादसा इतना भयानक था कि पूरी इमारत पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली नगर निगम (MCD), राजस्व विभाग और टाटा पावर समेत तमाम आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए और सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहले पूरे इलाके की घेराबंदी कर आसपास के मकानों को एहतियातन तुरंत खाली करा लिया गया।

राम किशोर समेत 3 की मौत, घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

राहत दलों ने मलबे को हटाते हुए अब तक चार लोगों को बाहर निकाला है। इनमें से 42 वर्षीय राम किशोर को जब बेहद गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य दो मृतकों की शिनाख्त और पहचान करने की प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है। वहीं, घायलों में 35 वर्षीय रवि (जो बिल्डिंग में पीओपी का काम करता था) और 32 वर्षीय सद्दाम शामिल हैं। सद्दाम के हाथ-पैर में फ्रैक्चर आया है और उनका इलाज बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में चल रहा है। दो अन्य मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर मलबे में उतरे जांबाज, रातभर क्रेन और हाइड्रा से हटाई गई कंक्रीट

रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (DCP) शशांक जायसवाल ने बताया कि बचाव दल ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी का परिचय दिया। मलबे में फंसे एक शख्स तक पहुंचकर टीम ने सबसे पहले उसे पानी पिलाया और ढाढ़स बंधाया। रेस्क्यू टीमें अपने साथ पहले से ही ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर मलबे के भीतर दाखिल हुई थीं, जिससे अंदर फंसे लोगों को सांस लेने में मदद मिली। रात के अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन न रुके, इसके लिए मौके पर बड़े जनरेटर और फ्लड लाइट्स की व्यवस्था की गई।

मालिक के भी दबे होने की आशंका: पुलिस जांच के मुताबिक, इस ढही हुई इमारत की संपत्ति संयुक्त रूप से राम दुआ की पत्नी मंजू और विनोद की पत्नी ऋतिका के नाम पर दर्ज है। आशंका जताई जा रही है कि खुद राम दुआ भी हादसे के वक्त वहीं मौजूद थे और मलबे में फंसे हो सकते हैं। उनके अलावा 4 से 5 मजदूरों के भी दबे होने की बात कही जा रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया दुख, दिए हरसंभव मदद के निर्देश

इस दर्दनाक हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की सभी संबंधित टीमों को तुरंत राहत कार्य के लिए रवाना कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मलबे को हटाने में तेजी लाई जाए और घायलों व पीड़ितों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन ने मलबे को तेजी से हटाने के लिए प्राइवेट जेसीबी (JCB) और दो बड़ी हाइड्रा क्रेन को काम पर लगाया है।

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