लखनऊ। राजधानी के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। अवैध निर्माण और नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ एलडीए ने अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। प्राधिकरण ने शहर के ऐसे करीब 1,000 भवन स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जो आवासीय (रिहायशी) प्लॉटों पर अवैध रूप से दुकान, शोरूम, ऑफिस या अन्य कमर्शियल काम धड़ल्ले से संचालित कर रहे हैं। एलडीए की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
258 लोगों ने कराया मामलों का निपटारा, 1500 इमारतों पर लटकी ध्वस्तीकरण की तलवार
एलडीए के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, नोटिस की जद में आए लोगों में से अब तक 258 भवन स्वामियों ने प्राधिकरण पहुंचकर अपने मामलों का विधिक निपटारा करा लिया है। लेकिन, सबसे बड़ी कार्रवाई उन 1,500 इमारतों पर होने जा रही है, जिनके खिलाफ एलडीए कोर्ट से कोर्ट से तोड़फोड़ (ध्वस्तीकरण) के आदेश पहले से ही पारित हो चुके हैं और फाइलें धूल फांक रही थीं। अब इन सभी पंद्रह सौ अवैध इमारतों को ढहाने के लिए एलडीए ने अपनी कमर कस ली है।
एलडीए तैयार कर रहा कड़ा रोडमैप, खुद नहीं हटाया अवैध निर्माण तो गरजेगा बुलडोजर
प्राधिकरण के आला अफसरों का साफ कहना है कि इन सभी पुराने और लंबित मामलों में अब बिना किसी देरी के जमीनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए एक फुलप्रूफ और कड़ा रोडमैप तैयार किया जा रहा है। एलडीए ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर भवन मालिक तय समय सीमा के भीतर खुद से अपना अवैध निर्माण और कमर्शियल गतिविधियां नहीं हटाते हैं, तो प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाएगी। इस कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी दोषी भवन मालिकों से ही वसूला जाएगा।
अलीगंज अग्निकांड के बाद जागी सरकार, एसआईटी को सौंपी जाएगी पूरी रिपोर्ट
अधिकारियों का मानना है कि हाल ही में लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने सुरक्षा इंतजामों और अवैध निर्माणों की पोल खोलकर रख दी है। इसके बाद से ही शहर में आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का फैसला किया गया है। यही वजह है कि अब सालों पुराने पड़े मामलों की फाइलों को दोबारा खोलकर उन्हें तेजी से निपटाया जा रहा है। एलडीए इस पूरे एक्शन और चिन्हित इमारतों की विस्तृत रिपोर्ट शासन द्वारा गठित एसआईटी (SIT) को भी सौंपने जा रहा है। एसआईटी की हरी झंडी मिलते ही 1500 इमारतों पर जमीनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो जाएगा। कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में नवाबों के शहर लखनऊ में अवैध निर्माणों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा बुलडोजर अभियान देखने को मिल सकता है।
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