
देश के वित्तीय बाजार से जुड़ी एक बेहद अहम खबर सामने आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अब निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank में अपनी हिस्सेदारी में बड़ा इजाफा करने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने LIC को बैंक में अतिरिक्त शेयर खरीद के जरिए हिस्सेदारी बढ़ाने की आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। HDFC Bank ने बुधवार को बाजार बंद होने के बाद स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि की है।
LIC की हिस्सेदारी बढ़कर हो जाएगी 9.99 फीसदी
एक्सचेंज फाइलिंग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिजर्व बैंक ने LIC को बैंक में अपनी कुल हिस्सेदारी 9.99% तक ले जाने की अनुमति दे दी है। बीमा दिग्गज ने इसके लिए केंद्रीय बैंक के समक्ष औपचारिक आवेदन किया था। मंजूरी मिलने के बाद अब LIC ओपन मार्केट अथवा अन्य माध्यमों से बैंक के इक्विटी शेयरों की खरीद को आगे बढ़ा सकती है।
वर्तमान में HDFC Bank में LIC की हिस्सेदारी
डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 14 अगस्त 2026 तक HDFC Bank में LIC की कुल शेयरधारिता 4.11% दर्ज थी। RBI की इस नई मंजूरी के बाद LIC बैंक में अतिरिक्त 5.88% हिस्सेदारी जोड़ सकेगी, जिससे उसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 9.99% के स्तर पर पहुंच जाएगी। बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर के इन दो दिग्गजों के बीच यह सौदा दोनों कंपनियों के पोर्टफोलियो के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
LIC के शेयरों में हलचल की संभावना
इस बड़े अधिग्रहण समझौते का सीधा प्रभाव LIC के शेयर प्रदर्शन पर देखा जा सकता है। बीते कारोबारी सत्र बुधवार को LIC का शेयर 0.74 फीसदी की बढ़त के साथ 413.05 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि पिछले कुछ समय से बीमा कंपनी के स्टॉक में दबाव का माहौल था, लेकिन HDFC Bank जैसे दिग्गज निजी बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने के फैसले से निवेशकों का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।
HDFC Bank शेयर का ताजा हाल
HDFC Bank का शेयर बुधवार के कारोबारी सत्र में मामूली गिरावट के साथ 720.65 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। हाल के हफ्तों में बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। पिछले एक महीने में HDFC Bank के शेयर में करीब 8 फीसदी की नरमी दर्ज की गई है, जबकि बीते छह महीनों के दौरान स्टॉक 21 फीसदी तक टूटा है, जिससे प्रति शेयर मूल्य में लगभग 192 रुपये की कमी आई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि LIC द्वारा हिस्सेदारी बढ़ाए जाने से बैंक के शेयर को निचले स्तरों पर मजबूत संस्थागत समर्थन मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में किसी भी प्रकार का निवेश जोखिमों के अधीन है। पूंजी लगाने से पूर्व अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श अवश्य लें।
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