Monday , 21 September 2026

यूपी में आसमानी आफत: 68 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, गंगा-यमुना समेत 5 नदियां उफान पर; 173 गांव डूबे और कई जिलों में स्कूल बंद

उत्तर प्रदेश में मानसून के आक्रामक तेवरों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के 68 जनपदों में बारिश का व्यापक अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की चेतावनी दी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से गंगा, यमुना, राप्ती, सरयू और गोमती समेत दर्जनों सहायक नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। नदियों के रौद्र रूप से तराई व कछारी इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है और बस्तियों में पानी भरने से लाखों लोग पलायन को मजबूर हैं।

13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से घिरे, फसलों पर संकट

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 23 अगस्त तक राज्यभर में रुक-रुककर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा। शासन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 13 जनपदों (बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव) के करीब 173 गांव जलमग्न हो चुके हैं। इस आपदा से 84 हजार से अधिक आबादी सीधे प्रभावित हुई है और 13,058 हेक्टेयर रकबा पानी में डूब गया है। कछारी इलाकों में सब्जियों व फसलों के डूबने से किसानों की कमर टूट गई है।

लो प्रेशर एरिया से बुंदेलखंड में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण-पूर्वी यूपी पर बना डिप्रेशन सिस्टम कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) में तब्दील हो चुका है, जिससे मानसूनी हवाएं बेहद सक्रिय हैं। इस सिस्टम के प्रभाव से बुंदेलखंड के झांसी, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर और जालौन समेत आसपास के जनपदों में येलो अलर्ट प्रभावी है। लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी समेत 40 से अधिक शहरों में घने बादलों का डेरा है।

प्रयागराज, गोंडा समेत कई जनपदों में स्कूल बंद

बाढ़ और जलभराव के विकराल संकट को देखते हुए जिला प्रशासनों ने एहतियातन शैक्षणिक संस्थानों में ताले लगा दिए हैं। प्रयागराज, गोंडा, कौशांबी, गाजीपुर और भदोही में कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं जौनपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर में कक्षा 8वीं तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।

प्रयागराज में घर-दफ्तर डूबे, जलभराव पर हाईकोर्ट ने DM-कमिश्नर को किया तलब

संगमनगरी प्रयागराज में बीते तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। शहर के रिहायशी इलाकों में पानी घरों के अंदर घुसने से गृहस्थी का सारा सामान डूब गया। रामबाग रेलवे स्टेशन की तीन पटरियां और कार्यालय जलमग्न हो गए। शहर की नारकीय स्थिति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी मनीष वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साई तेजा को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया है। दारागंज में बक्शी बांध के पास खड़ी गाड़ियां तक पानी में समा गईं।

वाराणसी के 100 से अधिक मंदिर जलमग्न, छतों से हो रही गंगा आरती

काशी में गंगा के बढ़ते जलस्तर से तटीय इलाके संकट में हैं। घाटों के किनारे बने 100 से ज्यादा मंदिर पानी में डूब चुके हैं। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थल जलमग्न होने के चलते अंतिम संस्कार ऊपरी गलियों और छतों पर कराए जा रहे हैं। नमो घाट का बड़ा हिस्सा पानी में समा चुका है, जबकि दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां डूबने के कारण विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती छतों से संपन्न कराई जा रही है। कानपुर और उन्नाव के निचले तटीय मोहल्लों में भी बाढ़ का पानी घुसने से त्राहिमाम मचा हुआ है।

राहत-बचाव के लिए 1263 शेल्टर तैयार, 1070 हेल्पलाइन पर सीधी निगरानी

राहत आयुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोदा ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए राज्य में 1,589 बाढ़ चौकियां और 1,263 रिलीफ शेल्टर सक्रिय किए गए हैं। वर्तमान में 41 सक्रिय राहत शिविरों में 1,045 लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि 4,845 प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में 15,238 फूड पैकेट और 30,316 लंच पैकेट बांटे जा चुके हैं। राहत कार्यों में 428 नावें-मोटर बोट्स और 1,101 स्थानीय गोताखोर लगातार जुटे हुए हैं। शासन स्तर से टोल-फ्री नंबर 1070 के जरिए हर जिले के कंट्रोल रूम पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

 

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