लखनऊ। हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन वैसे तो हमेशा ही संकटमोचन हनुमान जी की आराधना को समर्पित होता है, लेकिन जब ज्येष्ठ महीने के मंगलवार की बात आती है, तो इसकी धार्मिक और आध्यात्मिक अहमियत कई गुना बढ़ जाती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पूरे देश में इसे बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के रूप में मनाया जाता है।
साल 2026 का आठवां और सबसे आख़िरी बड़ा मंगल कल यानी 23 जून, मंगलवार को है। सनातन मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल पर सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन के बड़े से बड़े संकट और परेशानियां पल भर में दूर हो जाती हैं। यदि आप इस साल किसी व्यस्तता या कारणवश अब तक ज्येष्ठ बड़े मंगल की पूजा नहीं कर पाए हैं, तो बजरंगबली का असीम आशीर्वाद पाने का यह आपके पास आख़िरी और बेहद कल्याणकारी मौका है।
आइए जानते हैं इस विशेष दिन पर पूजा का सबसे उत्तम समय (शुभ मुहूर्त), बेहद सरल पूजा विधि और उन अचूक महाउपायों के बारे में, जिससे पवनपुत्र हनुमान अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
पूजा करने का सबसे शुभ मुहूर्त: इन 3 समय पर आराधना देगी दोगुना फल
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी की पूजा यदि शास्त्रों में बताए गए विशेष और शुभ मुहूर्त में की जाए, तो साधक को उसका फल बहुत जल्दी प्राप्त होता है। 23 जून को बजरंगबली की आराधना के लिए तीन सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:
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ब्रह्म मुहूर्त (सुबह की दिव्य पूजा के लिए): सुबह 04 बजकर 04 मिनट से लेकर सुबह 04 बजकर 44 मिनट तक।
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अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की साधना के लिए): सुबह 11 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक।
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संध्या काल मुहूर्त (शाम की महाआरती के लिए): शाम 07 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 23 मिनट तक।
बड़े मंगल की सरल पूजा विधि: घर बैठे इस तरह करें हनुमान जी को प्रसन्न
आप अपने घर के मंदिर में ही बेहद सरल और सात्विक तरीके से हनुमान जी की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए बस कुछ मुख्य बातों का विशेष ध्यान रखें:
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स्नान और संकल्प: बड़े मंगल के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व जल्दी उठकर स्नान कर लें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। इसके बाद हाथ में थोड़ा सा जल लेकर पूरे दिन व्रत रखने या पूरी श्रद्धा से हनुमान जी की भक्ति करने का संकल्प लें।
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लाल रंग का विशेष महत्व: बजरंगबली को लाल रंग अत्यधिक प्रिय है। इसलिए पूजा के दौरान स्वयं भी लाल रंग के कपड़े पहनें और पूजा करने के लिए लाल रंग के आसन का ही प्रयोग करें।
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धूप-दीप और अर्पण: हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के समक्ष गाय के घी का दीपक और उत्तम धूप जलाएं। उन्हें लाल फूल (विशेषकर गुड़हल या गुलाब), लाल फल (जैसे अनार या सेब) और शुद्ध मिठाई अर्पित करें।
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रोट और बूंदी का महाप्रसाद: हनुमान जी को ‘रोट’ (गेहूं के आटे और गुड़ से बना मीठा रोट) या ‘बूंदी’ का प्रसाद अत्यंत प्रिय है। आप बाजार से शुद्ध बूंदी लाकर या घर पर ही हलवा अथवा रोट बनाकर प्रभु को प्रेमपूर्वक भोग लगा सकते हैं।
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हनुमान चालीसा का पाठ: समस्त सामग्री अर्पित करने के बाद पूरी एकाग्रता, श्रद्धा और शांत मन से ‘हनुमान चालीसा’ या ‘बजरंग बाण’ का पाठ अवश्य करें। अंत में कपूर से आरती उतारें।
बजरंगबली की कृपा पाने के अचूक महाउपाय: दूर होंगे जीवन के सारे कष्ट
यदि आप लंबे समय से किसी मानसिक, शारीरिक या आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं, या आपकी कोई विशेष मन्नत अधूरी है, तो इस वर्ष के अंतिम बड़े मंगल पर ये छोटे लेकिन बेहद प्रभावशाली उपाय जरूर आजमाएं:
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सिंदूर का चोला: हनुमान जी को सिंदूर बहुत प्रिय है। इस दिन किसी नजदीकी हनुमान मंदिर में जाएं और वहां के पुजारी जी के माध्यम से हनुमान जी के विग्रह पर सिंदूर का चोला और चमेली का तेल जरूर अर्पित करवाएं। ऐसा करने से ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
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लाल ध्वज (झंडा) अर्पण: हनुमान मंदिर के शिखर पर या हनुमान जी के विग्रह के पास त्रिकोणीय लाल रंग का झंडा चढ़ाना बेहद शुभ और विजय प्रदान करने वाला माना जाता है। इससे यश और कीर्ति बढ़ती है।
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भंडारा और दान-पुण्य का महत्व: बड़े मंगल के दिन भूखों को भोजन कराने और प्यासों को पानी पिलाने का विशेष महत्व है। लखनऊ की प्रसिद्ध परंपरा के अनुसार, आप अपनी क्षमता के अनुसार राहगीरों और जरूरतमंदों में मीठा शरबत, बूंदी का प्रसाद या पूड़ी-सब्जी का भोजन वितरित कर सकते हैं।
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सच्चा सुमिरन और ध्यान: इस अंतिम बड़े मंगल पर मानसिक शांति के लिए पूरी निष्ठा के साथ “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से मन के सारे भय दूर होते हैं और परिवार में सुख, समृद्धि व आरोग्यता बनी रहती है।
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