Tuesday , 7 July 2026

रामलला की तिजोरी में कुबेर का खजाना! 6 साल में आया ₹3,846 करोड़ का दान, जानिए सोने-चांदी से लेकर बैंक बैलेंस का एक-एक पाई का ब्योरा

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद सोमवार, 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण और पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पारदर्शिता बरतते हुए मंदिर की कुल कमाई, खर्चों और संपत्तियों का पूरा और विस्तृत लेखा-जोखा सार्वजनिक कर दिया गया है। साल 2020 में गठित हुए इस ट्रस्ट को पिछले 6 वर्षों में भक्तों की तरफ से अपार स्नेह और धनवर्षा प्राप्त हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक राम मंदिर को कुल 3,846 करोड़ रुपये का भारी-भरकम दान और चढ़ावा मिल चुका है, जिसमें 3,264 करोड़ रुपये का सीधा दान और 582 करोड़ रुपये का श्रद्धापूर्वक चढ़ाया गया चढ़ावा शामिल है। इसी राशि से मंदिर का भव्य निर्माण, दैनिक संचालन और अयोध्या के अन्य विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

सिर्फ एक साल में प्रसाद और सुरक्षा पर खर्च हुए 91.76 करोड़ रुपये

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मंदिर प्रशासन ने रामलला के भोग-प्रसाद से लेकर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने तक कुल 91.76 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अगर इस खर्च को बारीकी से समझें तो रामलला के भोग प्रसाद और दैनिक पूजा-पाठ पर 12.85 करोड़ रुपये, अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था पर 11.49 करोड़ रुपये और मंदिर के भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम पर 10.48 करोड़ रुपये व्यय किए गए। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ख्याल रखते हुए लॉकर सिस्टम पर 4.43 करोड़ रुपये और शू रैक (जूता स्टैंड) की व्यवस्था पर 2.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं, ट्रस्ट के कार्यालय संचालन और प्रशासनिक कामकाज को संभालने में 2.22 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है।

निधि समर्पण अभियान और निर्माण कार्य का पूरा गणित

ट्रस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक राम मंदिर को मुख्य रूप से दो बड़े माध्यमों से आर्थिक सहयोग मिला है। इसमें पहला माध्यम ‘निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस फंड’ रहा, जबकि दूसरा माध्यम श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर के दानपात्रों में डाला गया ‘नियमित चढ़ावा’ है। निधि समर्पण और कॉर्पस दान के जरिए ट्रस्ट को कुल 3,264 करोड़ रुपये की भारी राशि मिली थी, जिसमें से अब तक 2,370 करोड़ रुपये सीधे तौर पर भव्य मंदिर के निर्माण और उससे जुड़ी परियोजनाओं में लगाए जा चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ, मंदिर के कपाट खुलने से लेकर 31 मार्च 2026 तक दानपात्रों और अन्य माध्यमों से कुल 582 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया, जिसमें से 391 करोड़ रुपये मंदिर के दैनिक संचालन और व्यवस्थाओं में खर्च किए जा चुके हैं, जबकि बची हुई राशि बैंक खातों में पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कहां से बरसे पैसे? जानिए कुल आय

1 अप्रैल 2025 से लेकर 31 मार्च 2026 के बीच ट्रस्ट को कुल 250.04 करोड़ रुपये की बड़ी आमदनी हुई है, जिसमें बैंकों से मिलने वाला तगड़ा ब्याज भी जुड़ा हुआ है। हालांकि, इस वित्तीय विवरण की अभी अंतिम ऑडिटिंग होना बाकी है। इस एक साल के भीतर आए पैसों का ब्योरा देखें तो भक्तों द्वारा सीधे दिए गए स्वैच्छिक योगदान से 98.24 करोड़ रुपये मिले। मंदिर परिसर में रखे दान पात्रों (कैश) के जरिए 66.55 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। विभिन्न दान काउंटरों से 21.05 करोड़ रुपये इकट्ठा हुए, जबकि डिजिटल क्रांति के इस दौर में ऑनलाइन माध्यम से 9.70 करोड़ रुपये का डिजिटल दान आया। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा (FCRA) के रूप में भी 0.94 करोड़ रुपये मिले। सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रस्ट के पास जो पुरानी राशि बैंकों में जमा है, उससे ब्याज के रूप में ही रिकॉर्ड 151.80 करोड़ रुपये की बंपर कमाई हुई है।

जमीन खरीदने और नए निर्माण पर खर्च हुए करोड़ों रुपये

इसी वित्तीय वर्ष 2025-26 में राम मंदिर ट्रस्ट ने करीब 10 अलग-अलग विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने के लिए 422.74 करोड़ रुपये का बड़ा पूंजीगत निवेश किया है। मुख्य मंदिर और उससे जुड़े अन्य जटिल निर्माण कार्यों पर सबसे मोटी रकम यानी 375.40 करोड़ रुपये खर्च की गई। मंदिर परिसर के विस्तार के लिए ट्रस्ट ने 14 अलग-अलग रजिस्ट्रियों के जरिए करीब 1.12 लाख स्क्वायर फीट (यानी 2.57 एकड़) अतिरिक्त जमीन खरीदी, जिस पर कुल 21.53 करोड़ रुपये (मूल कीमत 20.16 करोड़ रुपये) खर्च हुए। इसके साथ ही, प्रसिद्ध निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) द्वारा बनाई जा रही विशेष कैनोपी के निर्माण पर 9.81 करोड़ रुपये खर्च किए गए। अन्य बुनियादी सुविधाओं की बात करें तो यात्री स्वागत केंद्र के निर्माण पर 4.83 करोड़ रुपये, राम निवास के समीप डॉरमेट्री (शयनशाला) पर 2.76 करोड़ रुपये और बाग बिजेसी में चल रहे निर्माण कार्यों पर 2.70 करोड़ रुपये लगाए गए।

31 अलग-अलग मदों में दैनिक संचालन का खर्च

साल भर के भीतर मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज, त्योहारों और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए 31 अलग-अलग विभागों में 91.76 करोड़ रुपये का राजस्व खर्च किया गया। इसमें अन्न क्षेत्र (मुफ्त भोजन व्यवस्था) के सुचारू संचालन पर 9.26 करोड़ रुपये, मंदिर के सामान्य संचालन और रखरखाव पर 8.98 करोड़ रुपये, साफ-सफाई और हाउसकीपिंग सेवाओं पर 4.91 करोड़ रुपये तथा भारी-भरकम बिजली बिल के भुगतान पर 4.41 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं, मंदिर में तैनात कर्मचारियों के वेतन और अन्य लाभों पर 2.59 करोड़ रुपये, टूट-फूट की मरम्मत (रिपेयर एंड मेंटेनेंस) पर 2.45 करोड़ रुपये, विशेष उत्सवों और आयोजनों पर 1.84 करोड़ रुपये तथा आम श्रद्धालुओं के कल्याण से जुड़ी गतिविधियों पर 1.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

रामलला के खजाने में कितना सोना और कितनी चांदी?

भक्तों ने केवल नकदी ही नहीं, बल्कि दिल खोलकर सोने, चांदी और अन्य बहुमूल्य रत्न भी रामलला के चरणों में अर्पित किए हैं। ट्रस्ट के बहीखाते के अनुसार, अब तक कुल 2,926 कीमती वस्तुएं उपहार स्वरूप मिली हैं, जिनका हर साल चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की देखरेख में भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) कराया जाता है। चांदी की बात करें तो 31 मार्च 2026 तक कुल 669.653 किलो चांदी के आभूषण और वस्तुएं मिली थीं। इसके बाद भारत सरकार की टकसाल (SPMCIL) में इन वस्तुओं को गलाकर और रिफाइंड कर 99.99% शुद्धता वाली 43 चांदी की चमचमाती ईंटें तैयार की गईं, जिनका कुल वजन 849.272 किलो है। इस तरह वर्तमान में ट्रस्ट के पास कुल मिलाकर 1,518.925 किलो चांदी का विशाल भंडार सुरक्षित है। वहीं, सोने के रूप में भक्तों ने अब तक 32.259 किलो सोने की वस्तुएं भेंट की हैं, जिन्हें सुरक्षित रूप से गलाकर सोने की छड़ों (बिस्कुट) में बदल दिया गया है और वर्तमान में ये सभी सरकारी बैंक के लॉकर में कड़ी सुरक्षा के बीच जमा हैं।

जानिए किस बैंक में जमा है ट्रस्ट का कितना पैसा?

लगातार चल रहे भव्य निर्माण कार्यों और बड़े-बड़े आयोजनों पर पानी की तरह पैसा बहाने के बावजूद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की माली हालत बेहद मजबूत और ऐतिहासिक स्थिति में है। सरकारी और विश्वसनीय बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के जरिए ट्रस्ट का पैसा सुरक्षित रखा गया है। 31 मार्च 2026 की स्थिति के अनुसार, अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1,876.30 करोड़ रुपये का भारी फंड जमा है। सबसे ज्यादा देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में 791.04 करोड़ रुपये की एफडी है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 652.88 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में 327.30 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में सुरक्षित हैं। सुरक्षित भविष्य और बेहतर रिटर्न के लिए म्यूचुअल फंड में भी 87.00 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इसके अलावा ऑटो स्वीप खातों में 10.87 करोड़ रुपये, सामान्य बचत खातों में 4.77 करोड़ रुपये और विदेशी अंशदान वाले बैंक खाते (FCRA Account) में 1.67 करोड़ रुपये का बैलेंस मौजूद है।

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