182 करोड़ के खेल में 4 मैनेजर समेत 8 गिरफ्तार
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसने बैंकिंग सिस्टम की जड़ों में सेंध लगा दी थी। ‘डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर ठगी के जरिए आम जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले डकैतों का बैंक अधिकारियों के साथ सीधा कनेक्शन सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 4 बैंक मैनेजरों, 1 दलाल और गिरोह के 3 गुर्गों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि नौ नामचीन बैंकों के कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपये का काला खेल चल रहा था।
नौ बैंकों की मिलीभगत: फर्जी GST फर्मों के जरिए ठिकाने लगाई ठगी की रकम
पुलिस कमिश्नर रघुवीरलाल के मुताबिक, यह गैंग बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। ठग पहले फर्जी जीएसटी फर्म और उद्योगों का पंजीकरण कराते थे, फिर एक्सिस बैंक, यूको बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और सीएसबी बैंक जैसे नौ बड़े बैंकों के अधिकारियों से मिलकर बिना किसी भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के चालू खाते (Current Accounts) खुलवा लेते थे। हद तो तब हो गई जब डाक से वापस लौटने वाली चेक-बुक और एटीएम कार्ड भी बैंक कर्मचारी सीधे ठगों के हवाले कर देते थे।
खाता फ्रीज होने से पहले ठगों को ‘टिप’ देते थे बैंक मैनेजर
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि बैंक अधिकारियों और ठगों के बीच ‘कमीशन’ का खेल सेट था। जैसे ही किसी खाते में ठगी की मोटी रकम आती थी, बैंक मैनेजर तत्काल उसकी जानकारी ठगों को दे देते थे ताकि पुलिस द्वारा खाता फ्रीज किए जाने से पहले ही पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर या निकाल लिया जाए। यदि पुलिस किसी संदिग्ध खाते को फ्रीज करने का आदेश भेजती थी, तो मैनेजर पहले ठगों को अलर्ट कर धन निकासी करवाते थे और उसके बाद कागजी खानापूर्ति के लिए खाता फ्रीज करते थे।
182 करोड़ का ट्रांजैक्शन और ट्रस्ट के खातों का इस्तेमाल
पुलिस की पड़ताल में केवल चार बैंक खातों से ही 182 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है। एक-एक खाते में 50 से 60 करोड़ रुपये तक खपाए गए थे। ठगों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए कर्नाटक के ‘जामिया इस्माइल ईसी ट्रस्ट’ जैसे धार्मिक और सामाजिक ट्रस्ट के खातों का भी सहारा लिया। ट्रस्ट के संचालकों को इस काली कमाई का 20 फीसदी हिस्सा कमीशन के तौर पर दिया जाता था। अकेले कर्नाटक के एक ट्रस्ट के खाते से डिजिटल अरेस्ट के 30 करोड़ रुपये ठिकाने लगाए गए।
कानपुर कमांडर राजवीर और मुख्य सरगना अब भी फरार
गिरफ्तार अभियुक्तों में एक्सिस बैंक कन्नौज के ऑपरेशन हेड धर्मेंद्र सिंह, सहायक शाखा प्रबंधक अमित सिंह, सीएसबी बैंक के ब्रांच मैनेजर अमित कुमार और यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक के आशीष कुमार शामिल हैं। हालांकि, इस गिरोह का ‘कानपुर कमांडर’ राजवीर सिंह यादव और मुख्य सरगना आगरा निवासी अंचित गोयल अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। राजवीर पहले एक मर्चेंट बैंक में मैनेजर रह चुका है, जिसके कारण उसके संबंध कई बैंकों के अधिकारियों से थे। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
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