वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) में बारूद की गंध एक बार फिर तेज हो गई है। अपने सर्वोच्च नेता और शीर्ष कमांडरों को खोने के बाद भी ईरान झुकने को तैयार नहीं है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त समुद्री नाकाबंदी और ईरान के ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी ने वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मचा दिया है। स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि अमेरिका अब अपनी सबसे घातक हाइपरसोनिक मिसाइल ‘डार्क ईगल’ को मोर्चे पर उतारने की तैयारी कर रहा है।
‘डार्क ईगल’ की तैनाती: ईरान के भीतरी ठिकानों पर अमेरिका की नजर
खबरों के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लंबे समय से प्रतीक्षित ‘डार्क ईगल’ (Dark Eagle) हाइपरसोनिक वेपन सिस्टम को क्षेत्र में तैनात करने का अनुरोध किया है। 2700 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता वाली यह मिसाइल ईरान के भीतरी हिस्सों में छिपे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को पलक झपकते ही तबाह करने में सक्षम है। यदि इसे हरी झंडी मिलती है, तो यह इतिहास में पहली बार होगा जब अमेरिका युद्ध क्षेत्र में किसी हाइपरसोनिक हथियार का इस्तेमाल करेगा।
“अमेरिकी महाशक्ति को डुबो देंगे”: ईरान का पलटवार
ईरान ने ट्रंप की धमकियों पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। मेजर जनरल मोहसिन रजेई ने टेलीविजन पर चेतावनी देते हुए कहा, “इतिहास गवाह रहेगा कि ईरान ने फारसी खाड़ी में अमेरिकी महाशक्ति को डुबो दिया।” वहीं, नौसेना कमांडर रियर एडमिरल शहरम ईरानी ने सीधे चुनौती दी कि यदि दुश्मन में हिम्मत है तो होर्मुज में जहाज भेजकर दिखाए। ईरान का दावा है कि वह पहले ही अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ पर मिसाइलें दागकर उसकी हवाई ताकत को पंगु बना चुका है।
नाकाबंदी से ईरान बेहाल: 10 लाख नौकरियां खत्म, बिजली पर पाबंदी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि अमेरिकी नाकाबंदी ईरान के लिए काल साबित हो रही है। उन्होंने कहा, “ईरान की अर्थव्यवस्था मृत हो चुकी है और नाकाबंदी तब तक नहीं हटेगी जब तक वे घुटने नहीं टेक देते।” वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध और प्रतिबंधों के कारण ईरान में 10 लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो चुके हैं। हालात इतने खराब हैं कि ईरानी तेल मंत्री ने सरकारी दफ्तरों को दोपहर 1 बजे के बाद बिजली का उपयोग 70% कम करने का आदेश दिया है।
तेल की कीमतों में लगी आग, दुनिया पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का एक-तिहाई तेल गुजरता है, वहां जारी तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे खुद अमेरिका भी अछूता नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ‘फारसी खाड़ी दिवस’ पर साफ कर दिया कि इस जलमार्ग में किसी भी असुरक्षा के लिए केवल अमेरिका और इजराइल जिम्मेदार होंगे।
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