तेहरान/यरूशलम। मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी महायुद्ध अब निर्णायक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के युद्ध में घायल होने की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। एक ओर जहां ईरान में सत्ता परिवर्तन और नेतृत्व पर संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर इजरायल और अमेरिका की ‘खोज कर मारने’ की धमकी ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। इस भीषण संघर्ष के बीच भारत सरकार ने ऑपरेशन चलाकर अब तक 67,000 नागरिकों को सुरक्षित वापस बुला लिया है।

मुजतबा खामेनेई घायल: ईरान के नए ‘जानबाज’ नेता पर संकट
ईरानी सरकारी टीवी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए मुजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है। हालांकि, इस खबर के साथ ही यह भी बताया गया कि मुजतबा मौजूदा ‘रमजान युद्ध’ के दौरान घायल हो गए हैं। मीडिया रिपोर्टों में उन्हें ‘जानबाज’ (दुश्मन के हमले में घायल योद्धा) कहकर संबोधित किया गया है।
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पारिवारिक त्रासदी: इससे पहले 28 फरवरी को इजराइली हमले में मुजतबा के पिता अयातुल्ला अली खामेनेई, उनकी पत्नी और बेटी की मौत हो गई थी।
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इजरायल की चेतावनी: इजरायल ने साफ कर दिया है कि जो भी ईरान की सर्वोच्च सत्ता संभालेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा।
अयातुल्ला अली खामेनेई: 35 साल के युग का अंत

ईरान की इस्लामिक क्रांति के प्रमुख स्तंभ और 1989 से सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद ईरान में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि वहां के कानून के अनुसार सुप्रीम लीडर बनने के लिए ‘अयातुल्ला’ (धार्मिक पदवी) होना अनिवार्य है। मुजतबा के चयन को इसी धार्मिक और राजनीतिक उत्तराधिकार की कड़ी माना जा रहा है।
इजरायल की भीषण एयरस्ट्राइक: IRGC के ठिकानों पर बमबारी
इजराइली वायुसेना ने ईरान के भीतर घुसकर इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है।
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निशाने पर इस्फहान: इस्फहान में IRGC का पुलिस मुख्यालय और बसीज फोर्स के कमांड सेंटर पर हवाई हमले किए गए।
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मिसाइल फैक्ट्री तबाह: इजरायल का दावा है कि उसने ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों के लॉन्च साइट और रॉकेट इंजन बनाने वाली फैक्ट्रियों को मलबे में तब्दील कर दिया है।
भारत की बड़ी कार्रवाई: 67,000 भारतीयों की वतन वापसी
संसद में बयान देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा है।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: अब तक 67,000 भारतीय नागरिक युद्ध प्रभावित इलाकों से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।
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ऊर्जा सुरक्षा: जयशंकर ने आश्वस्त किया कि युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
दुनिया भर में मची अफरा-तफरी: बहरीन में सायरन, दुबई में रेस्क्यू
युद्ध की तपिश अब पड़ोसी देशों तक पहुंच गई है:
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बहरीन: यहां सायरन सक्रिय कर दिए गए हैं और नागरिकों को बंकरों में जाने को कहा गया है। तेल कंपनी ‘बापको एनर्जीज’ ने फोर्स मेज्योर घोषित कर सप्लाई की जिम्मेदारी से हाथ खींच लिए हैं।
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तुर्किये: तनाव को देखते हुए तुर्किये ने उत्तरी साइप्रस में F-16 फाइटर जेट्स और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं।
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दुबई: दुबई में फंसे 330 इजराइली नागरिकों को विशेष उड़ान के जरिए सुरक्षित निकाला गया है।
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