Saturday , 11 July 2026

गूगल की सतर्कता से कानपुर में शर्मनाक करतूत का भंडाफोड़: गूगल ड्राइव में छिपाई थीं परिवार की अश्लील क्लिपिंग्स, आरोपी गिरफ्तार…चाची और भतीजी को भी नहीं बख्शा

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां आधुनिक तकनीक और गूगल की समझदारी ने एक घिनौने पारिवारिक और बाल यौन शोषण के रैकेट का पर्दाफाश किया है। शहर के चमनगंज इलाके में बच्चों की परवरिश का सामान बेचने की दुकान चलाने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डिजिटल मर्यादाओं को तार-तार करते हुए अपने ही परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चों की अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें गूगल ड्राइव (Google Drive) पर सुरक्षित रखा था। पुलिस ने जब आरोपी के लैपटॉप और ड्राइव को खंगाला, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए।

आरोपी के पास से एक 9 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बनाया गया न्यूड वीडियो भी बरामद हुआ है। फिलहाल, पुलिस और साइबर सेल इस बात की सघन जांच कर रही है कि आरोपी ने इन संवेदनशील वीडियो और तस्वीरों को सिर्फ अपने पास सुरक्षित रखा था या फिर इन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय पोर्न इंडस्ट्री या डार्क वेब पर बेचा भी है।

वॉशरूम में छिपाया था मोबाइल कैमरा, चाची और भतीजी को भी नहीं बख्शा

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी ने कबूल किया है कि वह अपने ही घर के वॉशरूम में छिपकर मोबाइल कैमरे की मदद से परिवार की महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करता था। इस घिनौनी हरकत को अंजाम देते वक्त उसने अपनी चाची, चचेरी बहन और सगी भतीजी के रिश्तों की मर्यादा का भी लिहाज नहीं रखा।

जब पुलिस ने उसकी गूगल ड्राइव में मिलीं नाबालिग बच्चियों की तस्वीरों को लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसने अपनी 9 साल की चचेरी बहन को बहला-फुसलाकर उसका न्यूड वीडियो बनाया था। इसके अलावा वह अन्य मासूम बच्चियों को भी अपनी हवस का शिकार बनाता था। हालांकि, आरोपी का दावा है कि उसने ये वीडियो किसी को बेचे नहीं हैं, लेकिन पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।

गूगल ने सस्पेंड की जी-मेल आईडी और एनसीआरबी को दी रिपोर्ट

इस पूरे मामले का खुलासा गूगल की एडवांस सर्विलांस और एआई (AI) तकनीक की वजह से संभव हो सका। जैसे ही आरोपी ने इन प्रतिबंधित और अवैध वीडियो को अपनी गूगल ड्राइव पर अपलोड किया, गूगल के सिक्योरिटी सिस्टम ने इसे तुरंत डिटेक्ट कर लिया। गूगल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित जी-मेल आईडी को सस्पेंड कर दिया और मामले की रिपोर्ट ‘नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो’ (NCRB) के पोर्टल पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी (CSAM) श्रेणी के तहत दर्ज करा दी।

इसके बाद एक्टिव हुई कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने गूगल की मेटा टीम से संपर्क साधा। साइबर एक्सपर्ट्स ने वीडियो अपलोड करने के लिए इस्तेमाल किए गए डिवाइस, आईपी एड्रेस (IP Address), आईडी-आईएमईआई (IMEI) नंबर और वायरलेस आईपी के जरिए आरोपी की सटीक लोकेशन ट्रेस कर ली। कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने चमनगंज में छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

अंजलि विश्वकर्मा, एडीसीपी के मुताबिक— “राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र (NCMEC) का पोर्टल लापता बच्चों की तलाश, बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की पहचान और ऐसे अपराधों को रोकने में सुरक्षा एजेंसियों की मदद करता है। गूगल और एनसीआरबी के इसी मजबूत कॉर्डिनेशन सिस्टम के जरिए इस बड़े अपराध का खुलासा समय रहते संभव हो पाया है।”

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