Sunday , 28 June 2026

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: एक्शन में खाकी; मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी गुनहगारों के घरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, चप्पा-चप्पा खंगाल रही टीमें

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के चढ़ावे और कैश काउंटिंग में करोड़ों रुपये की हेराफेरी के सनसनीखेज मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच एजेंसियों ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस महाघोटाले की जांच कर रही विशेष टीमों ने रविवार को अयोध्या में सक्रिय सभी नामजद आरोपियों के घरों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। शासन के कड़े रुख के बाद हर एक पहलू को इतनी गहराई से खंगाला जा रहा है ताकि इस पूरे सिंडिकेट और रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले चेहरों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मुख्य आरोपियों के घरों पर रेड, छान मारे कोने-कोने

चढ़ावा चोरी कांड की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच टीमों ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अयोध्या में रहने वाले सभी मुख्य किरदारों के ठिकानों को घेर लिया। स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ जांच टीमें मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रमा शंकर मिश्रा के घरों पर एक साथ धमक पड़ीं। पुलिस की अलग-अलग टीमें एक-एक घर के कोने-कोने, अलमारियों और संदिग्ध दस्तावेजों को खंगाल रही हैं। छापेमारी का मकसद इस महाघोटाले से जुड़े अहम डिजिटल और कागजी सबूतों के साथ-साथ छिपाई गई नकदी को बरामद करना है।

पड़ोसियों और दुकानदारों के बयान दर्ज, प्रतापगढ़ के अविनाश का खंगाला कमरा

छापेमारी के दौरान पुलिस सिर्फ तलाशी ही नहीं ले रही, बल्कि आरोपियों के परिजनों को सामने बैठाकर कड़ी पूछताछ भी कर रही है। इसके साथ ही आसपास के पड़ोसियों से भी इन आरोपियों की हालिया गतिविधियों और उनके अचानक बदले लाइफस्टाइल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान पुलिस टीम अयोध्या में रहने वाले एक अन्य आरोपी अविनाश शुक्ला के किराये के मकान पर भी पहुंची। पता चला है कि मूल रूप से प्रतापगढ़ का रहने वाला अविनाश कुछ महीने पहले ही यह कमरा खाली कर चुका था। पुलिस ने मकान मालिक, पड़ोसियों और नीचे दुकान चलाने वाले दुकानदार का विस्तृत बयान दर्ज किया है ताकि यह पता चल सके कि वहां कौन-कौन आता-जाता था।

कैश काउंटिंग की आड़ में करते थे खेल, अब तक करीब 80 लाख रुपये बरामद

हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए ये सभी आरोपी राम मंदिर ट्रस्ट में आने वाले भारी-भरकम चढ़ावे और कैश को गिनने (कैश काउंटिंग) के काम में तैनात थे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर इन्होंने पवित्र चढ़ावे की रकम में बड़ी हेरफेर को अंजाम दिया। जांच टीमों ने अब तक इस मामले में करीब 79 लाख 85 हजार रुपये की भारी नकदी बरामद कर ली है। आस्था पर चोट करने वाले इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चोरी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून (Anti-Corruption Act) जैसी बेहद सख्त और संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है।

अवैध कमाई और बैंक खातों की कुंडली खंगाल रही पुलिस, खंगाली जा रही हिस्ट्री

यह जांच अब सिर्फ चोरी की वारदात तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और विशेष टीमें अब आरोपियों की काली कमाई के जरियों का भी पता लगा रही हैं। अपराध के जरिए जुटाई गई चल-अचल संपत्ति और उनके बैंक खातों की पूरी हिस्ट्री खंगाली जा रही है। पुलिस यह देख रही है कि अचानक इन बैंक खातों में कहां-कहा से बड़ा फंड ट्रांसफर हुआ और इस पैसे को आगे किस काम में या किस बेनामी संपत्ति को खरीदने में इस्तेमाल किया गया।

सरकार की 3 सदस्यीय SIT की रिपोर्ट पर बड़ा एक्शन, कल कोर्ट से रिमांड मांगेगी पुलिस

राम मंदिर में हुई इस बड़ी सेंधमारी पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यों की एक उच्च स्तरीय एसआईटी (SIT) का गठन किया था। यह ताबड़तोड़ एक्शन इसी SIT की शुरुआती गोपनीय रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ है। अदालत ने दो दिन पहले ही सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। सोमवार को पुलिस इन सभी आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी। मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने, बचे हुए पैसों की शत-प्रतिशत रिकवरी और इस सिंडिकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए पुलिस अदालत से सभी आरोपियों की कस्टडी रिमांड मांगेगी।

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