बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से सामने आए दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड और आत्महत्या मामले में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। देहात कोतवाली क्षेत्र के झउहना ग्राम पंचायत स्थित गोसाई पुरवा में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में अब अंधविश्वास और तांत्रिक का काला साया गहराने लगा है। अब तक पुलिस जिसे पारिवारिक कलह और आर्थिक लेन-देन का मामला मान रही थी, परिजनों के दावों ने उस पूरी थ्योरी को पलट कर रख दिया है। परिजनों का आरोप है कि मृतक बजरंगी गिरी एक स्थानीय तांत्रिक के बिछाए मोहजाल और खौफ के चक्रव्यूह में ऐसा उलझा कि उसने खुद अपनी और पूरे परिवार की जीवनलीला समाप्त कर ली।
अंधविश्वास का खौफनाक जाल: घटनाओं का इत्तेफाक या गहरा षड्यंत्र?
मृतक के रिश्तेदारों के मुताबिक, 28 वर्षीय बजरंगी गिरी पिछले कई महीनों से एक स्थानीय तांत्रिक के संपर्क में था। तांत्रिक ने पहले उसके परिवार में बीती दुखद घटनाओं—जैसे 2023 में एक सदस्य की आत्महत्या और पिता की मौत—का हवाला देकर बजरंगी का भरोसा जीता। जब बातें सच साबित होने लगीं, तो तांत्रिक ने उसके दिमाग पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया।
इसके बाद तांत्रिक के कहने पर बजरंगी ने अपने घर का एक हिस्सा बुलडोजर से ढहा दिया, क्योंकि तांत्रिक ने उसे वहां ‘अशुभ साया’ होने की बात कही थी। बात यहीं खत्म नहीं हुई; तांत्रिक की यह भविष्यवाणी भी सच साबित हो गई कि उसकी गाड़ियां आग में जल जाएंगी—दो महीने पहले उसकी चारपहिया गाड़ी में रहस्यमयी आग लग गई। इन तमाम इत्तेफाकों ने बजरंगी को तांत्रिक का अंधभक्त बना दिया।
‘4 अगस्त को मर जाओगे’: मौत की भविष्यवाणी और शुरू हुआ उल्टी गिनती का खेल
परिजनों द्वारा किया गया सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा यह है कि तांत्रिक ने कुछ समय पहले बजरंगी से साफ-साफ कह दिया था—“4 अगस्त तक तुम्हारी मौत निश्चित है।”
इस एक जुमले ने बजरंगी के दिमागी संतुलन को पूरी तरह हिलाकर रख दिया। मौत के खौफ से साए की तरह घिरे बजरंगी ने अपने अंतिम दिन अपनों के बीच हिसाब-किताब चुकता करने और परिजनों को अपनी गैरमौजूदगी में बच्चों का ख्याल रखने की बातें करने में बिताए। हालांकि, घटना से महज कुछ दिन पहले तक वह रिश्तेदारों के बीच सामान्य दिखने की कोशिश करता रहा, नाचता-गाता भी नजर आया, लेकिन अंदर ही अंदर मौत का खौफ उसे दीमक की तरह चाट रहा था।
3 पिस्टल, पत्नी और दो मासूमों की लाशें: उस शुक्रवार की खूनी शाम
शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे जब गोसाई पुरवा स्थित मकान का दरवाजा खुला, तो अंदर का नजारा देखकर गांव वालों के पांव तले जमीन खिसक गई। बिस्तर और फर्श पर बजरंगी गिरी (28), उसकी पत्नी कोमल (25), 3 साल की मासूम बेटी श्रद्धा और महज 10 महीने के दूधमुहे बेटे जयदीप के खून से लथपथ शव पड़े थे।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, मानसिक रूप से बदहवास हो चुके बजरंगी ने पहले अपनी बेगुनाह पत्नी और दोनों मासूम बच्चों को गोली मारी और फिर खुद को भी गोली उड़ा ली। पुलिस ने मौके से 3 पिस्टल बरामद की हैं, जिसने अवैध हथियारों की मौजूदगी पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की तफ्तीश: लेन-देन, वीडियो और तांत्रिक का एंगल
घटना की गंभीरता को देखते हुए देवीपाटन मंडल के डीआईजी और बलरामपुर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस को जांच के दौरान एक ऐसा वीडियो भी हाथ लगा है, जिसमें बजरंगी किसी लेन-देन और बकाया रकम का जिक्र कर रहा है। घटना वाले दिन दोपहर में भी वह कोड़ारी चौराहे पर बकाया पैसा लेने गया था।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार का बयान: “प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत होता है। मौके से तीन पिस्टल बरामद हुई हैं। हम अवैध असलहों के स्रोत, आर्थिक लेन-देन, पारिवारिक वजहों और मानसिक तनाव समेत हर पहलू की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं।”
हालांकि, परिजनों के तांत्रिक वाले सनसनीखेज दावे पर पुलिस ने फिलहाल कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है, लेकिन इस एंगल को भी नकारा नहीं जा रहा है।
उजड़ गया पूरा कुनबा, पीछे छोड़ गया अनसुलझे सवाल
चार भाइयों में से एक बजरंगी का परिवार गांव में अकेले रहता था, जबकि उसके बड़े भाई मुंबई में बिजनेस करते हैं। आर्थिक रूप से संपन्न दिखने वाले इस परिवार का इस तरह अंत हो जाना कई कड़वे सवाल छोड़ गया है—
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क्या किसी तांत्रिक की फर्जी भविष्यवाणी ने एक हंसते-खेलते इंसान को साइकोपैथ बना दिया?
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क्या मौत के डर ने बजरंगी से उसका दिमागी संतुलन छीन लिया, या इसके पीछे कर्ज और आर्थिक रंजिश की कोई गहरी परत छिपी है?
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सबसे बड़ा सवाल—घर में 3-3 पिस्टल कहां से आईं?
फिलहाल चार सांसें हमेशा के लिए थम चुकी हैं, और बलरामपुर का यह खूनी रहस्य पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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