Friday , 10 July 2026

दिल दहला देने वाली वारदात: चोरी के झूठे आरोप और टीचर की डांट से टूटी 8वीं की छात्रा, सुसाइड नोट में लिखा- ‘मां मुझे माफ कर देना…’

बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरु अर्बन जिले के अनेकल से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां स्कूल के शिक्षकों द्वारा कथित मानसिक उत्पीड़न, डांट और चोरी के झूठे आरोपों से आहत होकर 8वीं कक्षा की एक छात्रा ने मौत को गले लगा लिया। इस आत्मघाती कदम के बाद से स्थानीय मारसुरु सरकारी हाई स्कूल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस को मृतका के कमरे से एक बेहद भावुक और दर्द भरा सुसाइड नोट मिला है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।

होमवर्क न करने पर जुर्माना और टीसी देने की मिली थी धमकी

यह दुखद घटना अनेकल के मारसुरु सरकारी हाई स्कूल की है। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि 8वीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा मधुश्री पिछले कुछ समय से स्कूल के टीचिंग स्टाफ के व्यवहार से काफी परेशान थी। सुसाइड नोट के मुताबिक, एक शिक्षक ने होमवर्क पूरा न होने पर न सिर्फ उसे बेरहमी से सजा दी, बल्कि उस पर 20 रुपये का जुर्माना भी ठोक दिया। इतना ही नहीं, छात्रा को स्कूल से निकालने और टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) थमाने की सीधी धमकी भी दी गई थी, जिससे वह बेहद मानसिक दबाव में आ गई थी।

अस्पताल में भर्ती थी मां, सूने घर में छात्रा ने लगाया फंदा

घटनाक्रम के दौरान मधुश्री की मां अस्पताल में भर्ती थीं, जिसके चलते वह घर पर बिल्कुल अकेली थी। इसी अकेलेपन और मानसिक तनाव के बीच गुरुवार की रात उसने अपने कमरे में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। शुक्रवार की सुबह जब परिजनों को इस खौफनाक कदम की जानकारी हुई, तो घर में कोहराम मच गया। इसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी गई।

सुसाइड नोट का वो दर्द, जिसे पढ़कर कांप उठी हर किसी की रूह

पुलिस द्वारा बरामद किए गए सुसाइड नोट में छात्रा ने स्कूल में अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की पूरी कहानी बयां की है। मधुश्री ने लिखा:

“स्कूल में जो कुछ भी हुआ, उसने मुझे अंदर से बहुत गहरी चोट पहुंचाई है। मुझ पर पैसे चुराने का सरासर झूठा आरोप मढ़ा गया। महज 10 और 20 रुपये के मामले में मुझे दोषी ठहरा दिया गया, जबकि मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया था। स्कूल के सभी टीचर्स मुझे लगातार डांटते हैं। अब मैं इस भयंकर अपमान और मानसिक पीड़ा को और ज्यादा सहन नहीं कर सकती। मुझे लगने लगा है कि मैं इस दुनिया में जीने के लायक ही नहीं हूं। मां, मुझे प्लीज माफ कर देना।”

छात्रा ने नोट में आगे यह भी साफ किया कि उसकी मौत के लिए परिवार का कोई सदस्य जिम्मेदार नहीं है। उसने अपनी मां से छोटी-बड़ी बहनों और छोटे भाई का ख्याल रखने की भावुक अपील की। उसने लिखा कि उसकी मां और भाई-बहनों ने उसे बहुत प्यार दिया, इसलिए उसकी मौत के बाद कोई भी उसकी मां को दोष न दे।

मां ने लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप, पुलिस जांच में जुटा स्कूल स्टाफ

घटना के बाद बिलखती मां ने स्कूल के पूरे टीचिंग स्टाफ पर अपनी मासूम बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित और प्रताड़ित करने का सीधा आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूर्यनगर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत (Unnatural Death) का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब छात्रा के सुसाइड नोट, पीड़ित परिवार के बयानों और स्कूल के स्टाफ से पूछताछ के आधार पर मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर स्कूली बच्चों पर बढ़ते मानसिक दबाव और शिक्षकों के व्यवहार पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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