Saturday , 25 July 2026

लावारिस पैसों का हिसाब: भूल गए हैं पुराना बैंक खाता, FD या शेयर? जानिए RBI के पोर्टल से अपना डूबा पैसा वापस निकालने का आसान तरीका

नई दिल्ली। नौकरी में बदलाव, नया शहर, बदला हुआ मोबाइल नंबर या फिर परिवार के किसी सदस्य का असमय निधन—अक्सर इन वजहों से कई पुराने बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और म्यूचुअल फंड निवेश लोगों की नजरों से छूट जाते हैं। वर्षों तक ध्यान न जाने के कारण यह मेहनत की कमाई बैंकों और वित्तीय संस्थानों में यूं ही बिना इस्तेमाल के पड़ी रहती है। लेकिन थोड़ी सी सतर्कता, सही जानकारी और डिजिटल पोर्टल्स की मदद से आप इस ‘लावारिस’ पड़ी रकम को कानूनी तरीके से और सुरक्षित रूप से दोबारा हासिल कर सकते हैं।

1. बैंक खातों और FD की जांच: RBI का ‘उद्गम’ (UDGAM) पोर्टल आएगा काम

अगर आपका कोई पुराना बचत खाता या फिक्स्ड डिपॉजिट काफी समय से निष्क्रिय (Inoperative) पड़ा है, तो सबसे पहले उसकी स्थिति जांचें:

  • 10 साल का नियम: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, यदि किसी बैंक खाते या जमा राशि पर 10 वर्षों तक कोई लेन-देन नहीं होता है, तो उस रकम को डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

  • कैसे खोजें अनक्लेम्ड डिपॉजिट? ऐसे मामलों के लिए RBI ने ‘उद्गम’ (UDGAM) पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर जाकर आप अपने नाम, पुराने मोबाइल नंबर या PAN कार्ड की मदद से बिना दावा की गई जमा राशि (Unclaimed Deposit) की खोज कर सकते हैं।

  • वापसी की प्रक्रिया: राशि का पता चलने के बाद, संबंधित बैंक की नजदीकी शाखा में संपर्क करें, अपना KYC अपडेट करवाएं और आवश्यक दस्तावेज जमा करके अपनी रकम वापस पाएं।

2. म्यूचुअल फंड और शेयरों की तलाश: SEBI का ‘मित्रा’ प्लेटफॉर्म

अगर आपने वर्षों पहले शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या इंश्योरेंस पॉलिसियों में पैसा लगाया था और अब उसके दस्तावेज या फोलियो नंबर खो गए हैं, तो इन्हें खोजना भी अब आसान है:

  • निष्क्रिय म्यूचुअल फंड: SEBI के ‘मित्रा’ (MITRA) प्लेटफॉर्म की मदद से आप अपने पुराने और निष्क्रिय पड़े म्यूचुअल फंड फोलियो की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • शेयर और डिविडेंड: यदि आपके पास पुराने फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट हैं या लाभांश (Dividend) की रकम रुकी हुई है, तो IEPF (Investor Education and Protection Fund) के माध्यम से दावा किया जा सकता है।

  • प्रोविडेंट फंड (EPF) व बीमा: अपने पुराने पीएफ खातों और जीवन बीमा पॉलिसियों के रिकॉर्ड की भी जांच करें।

क्या करें? अपने सभी वित्तीय खातों में KYC विवरण, वर्तमान बैंक खाता संख्या और मोबाइल नंबर को तुरंत अपडेट कराएं।

3. रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और साइबर ठगी से बचें

अपने छूटे हुए निवेश और रकम को वापस पाने की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है:

  • नॉमिनी और फैमिली रिकॉर्ड: अपने सभी चालू व दोबारा चालू कराए गए खातों का एक स्पष्ट रिकॉर्ड रखें। इसमें नॉमिनी (Nominee) का नाम जरूर जोड़ें और इसकी जानकारी परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य को दें।

  • फ्रॉड से रहें सावधान: ध्यान रखें कि बिना दावा की गई रकम वापस दिलाने के नाम पर कई साइबर ठग सक्रिय रहते हैं। कभी भी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना बैंक विवरण, Aadhaar, PAN या OTP साझा न करें।

  • केवल आधिकारिक माध्यम अपनाएं: हमेशा RBI, SEBI या संबंधित वित्तीय संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी पोर्टल के जरिए ही दावों की प्रक्रिया पूरी करें।

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