Thursday , 25 June 2026

मां के साथ कमरे में देख लिया था ‘वो’ खौफनाक मंजर: सूरज हत्याकांड का खुलासा…बदनामी का बदला लेने को बेटे ने दी रूह कंपाने वाली मौत

लखनऊ। राजधानी के बिजनौर इलाके में शनिवार को हुई सूरज गौतम की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह मर्डर किसी लूट या पुरानी रंजिश के लिए नहीं, बल्कि परिवार की साख और ‘जग हंसाई’ के डर से उपजे गुस्से का नतीजा था। अपनी मां के नाजायज रिश्तों से परेशान बेटे ने समाज में हो रही बदनामी का बदला लेने के लिए खौफनाक साजिश रची और अपने ही साथी के साथ मिलकर सूरज को मौत के घाट उतार दिया।

तीन साल का अवैध संबंध और पूरे गांव में बदनामी

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि अशरफ नगर गांव की एक महिला का पीजीआई में संविदा कर्मी सूरज गौतम के साथ पिछले तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस नाजायज रिश्ते की जानकारी धीरे-धीरे पूरे गांव में फैल गई थी। आरोपी बेटा अनिल कुमार यादव (22) इस बात से बुरी तरह टूट चुका था। लोग गांव में उसे ताने मारते थे और उसका मजाक उड़ाते थे। अनिल ने सूरज को अपनी मां से दूर रहने की कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन सूरज ने इसे अनसुना कर दिया।

कमरे में रंगे हाथ पकड़ा, फिर तैयार हुआ ‘डेथ प्लान’

अनिल के अंदर नफरत की आग तब और भड़क गई जब करीब दो महीने पहले उसने अपनी मां और सूरज को बंद कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। उस मंजर ने अनिल के दिमाग में कत्ल का बीज बो दिया। उसने तय कर लिया कि परिवार की इज्जत बचाने के लिए सूरज को रास्ते से हटाना ही होगा। अनिल ने इस काम में अपने रिश्ते में लगने वाले एक नाबालिग चाचा को शामिल किया और सूरज की हत्या का ब्लूप्रिंट तैयार किया।

शराब, शादी और फिर बेरहमी से कत्ल

8 तारीख की रात साजिश के तहत अनिल, सूरज को एक शादी समारोह में चलने का झांसा देकर अपने साथ ले गया। झील के किनारे खाली प्लाट में बैठकर तीनों ने पहले शराब पी। जब सूरज नशे में पूरी तरह धुत हो गया, तो अनिल ने अपना असली रंग दिखाया। उसने चापड़ (बड़ा धारदार हथियार) निकालकर सूरज पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घायल सूरज अपनी जान बचाने के लिए भागा, लेकिन अनिल और उसके साथी ने ईंटों से उसका चेहरा तब तक कूचला जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं।

24 घंटे में बिजनौर पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

प्रभारी निरीक्षक कपिल गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कड़ियां जोड़ते हुए 24 घंटे के भीतर हत्या का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चापड़, खून सनी ईंट और मृतक सूरज का आईफोन बरामद कर लिया है। डीसीपी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी अनिल यादव को जेल भेज दिया गया है, जबकि हत्या में शामिल नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया है। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है और चर्चा है कि कैसे एक नाजायज रिश्ते ने दो परिवारों को तबाह कर दिया।

Check Also

मुजफ्फरनगर में रोंगटे खड़े कर देने वाली हैवानियत: दोना-पत्तल फैक्ट्री से 13 मजदूर बंधनमुक्त, 24 घंटे काम, पहरे पर पिटबुल और खाने में सिर्फ नमक-रोटी

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से बंधक मजदूरी और हैवानियत की एक ऐसी खौफनाक …