नई दिल्ली: आसमान से बरसती आग और 40 डिग्री के टॉर्चर के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक ऐसी खबर दी है, जो राहत भी है और आफत भी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा बुलेटिन ने देश के 13 राज्यों में ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया है। अगले 3 से 4 दिनों में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पूरे उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के मौसम को पलटने वाला है। धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ होने वाली यह बारिश गर्मी से राहत तो देगी, लेकिन 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं तबाही भी मचा सकती हैं।
70 किमी की रफ्तार वाला ‘थंडरस्क्वॉल’: इन राज्यों में मंडराया खतरा
IMD ने चेतावनी दी है कि बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में ‘थंडरस्क्वॉल’ (Thundersquall) दस्तक देने वाला है। तकनीकी भाषा में इसे बेहद खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इसमें हवा की गति अचानक 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाती है, जिसके साथ बिजली गिरना और मूसलाधार बारिश होना आम है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन से एक ‘ट्रफ लाइन’ बन गई है, जो विनाशकारी बादलों को जन्म दे रही है।
बिहार-झारखंड से लेकर पहाड़ों तक: जानें आपके राज्य का हाल
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बिहार और झारखंड: यहां 24 से 26 अप्रैल के बीच आसमान से आफत बरस सकती है। तेज आंधी के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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उत्तर भारत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में फिर से बर्फबारी और बारिश का दौर शुरू होगा। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश कम होगी, लेकिन धूल भरी आंधी जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती है।
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पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल समेत ‘सेवन सिस्टर्स’ राज्यों में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है।
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दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी हल्की फुल्की फुहारें गर्मी कम करेंगी।
किसानों और आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी
70 किमी की रफ्तार वाली हवाएं कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को उखाड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें, क्योंकि ओलावृष्टि (Hailstorm) के कारण भारी नुकसान की आशंका है। साथ ही, आंधी के दौरान सफर करने से बचने और ऊंचे पेड़ों या खंभों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी गई है।
तापमान में आएगी गिरावट, लेकिन बढ़ेगी उमस
क्या इस बारिश से लू (Loo) का दौर खत्म होगा? मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। हालांकि, यह राहत अस्थाई होगी। प्री-मानसून की यह बारिश हवा में नमी बढ़ा देगी, जिससे बारिश रुकने के बाद चिपचिपी गर्मी और उमस लोगों को बेहाल कर सकती है।
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