मुर्शिदाबाद/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान हिंसा की आग भड़क उठी है। मुर्शिदाबाद जिला, जो पहले से ही संवेदनशील माना जा रहा था, आज अखाड़े में तब्दील हो गया। यहां एक तरफ पोलिंग बूथ पर राजनेताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, वहीं दूसरी ओर देसी बमों की गूंज से मतदाता सहम गए। भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद उपद्रवियों ने मतदान प्रक्रिया में खलल डालने की कोशिश की है।
मुर्शिदाबाद में बमबाजी: अज्ञात हमलावरों ने फेंके क्रूड बम, कई घायल
मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मतदान केंद्र के पास अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर देसी बम (Crude Bombs) फेंक दिए। धमाके की आवाज सुनते ही बूथ पर मौजूद मतदाताओं में भगदड़ मच गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है।
हुमायूं कबीर बनाम TMC: पोलिंग बूथ पर जबरदस्त धक्का-मुक्की
हिंसा के बीच मुर्शिदाबाद के एक अन्य बूथ पर राजनीतिक ड्रामा भी चरम पर रहा। आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर जैसे ही मतदान केंद्र पहुंचे, वहां मौजूद TMC कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने कबीर को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते बात धक्का-मुक्की और अपशब्दों तक पहुंच गई। हुमायूं कबीर ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वोटिंग शांति से होनी चाहिए। मेरा इरादा किसी को डराने का नहीं है, लेकिन मैं बूथों पर जाऊंगा।” उन्होंने दावा किया कि बमबाजी की घटनाएं डराने की एक कोशिश हैं।
सुबह 9 बजे तक का मतदान: बंगाल और तमिलनाडु में बंपर वोटिंग
तनाव और छिटपुट हिंसा के बावजूद लोकतंत्र के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है। सुबह 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:
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पश्चिम बंगाल: 18.76% मतदान दर्ज किया गया।
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तमिलनाडु: 17.69% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कुछ केंद्रों पर EVM खराबी की शिकायतें मिली थीं, जिन्हें चुनाव आयोग ने तुरंत संज्ञान लेकर ठीक करवाया और मतदान दोबारा शुरू कराया गया।
प्रशासन की अपील: शांति बनाए रखें मतदाता
मुर्शिदाबाद की घटना के बाद चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों ने हमलावरों की पहचान के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर के वोट डाल सकें। प्रशासन ने सभी दलों के कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और चुनावी प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।
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