Sunday , 2 August 2026

बंगाल चुनाव में ‘जंगलराज’: कुमारगंज में बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु सरकार को सरेआम पीटा, कूचबिहार में फोर्स का लाठीचार्ज; मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर की कार पर पथराव

कोलकाता/मालदा: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान लोकतंत्र के उत्सव के बजाय रणक्षेत्र में तब्दील होता नजर आ रहा है। उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक हिंसा की आग सुलग रही है। कुमारगंज में जहां भाजपा उम्मीदवार पर जानलेवा हमला हुआ, वहीं कूचबिहार में भीड़ को काबू करने के लिए केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। चुनाव आयोग ने हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।

कुमारगंज में बीजेपी प्रत्याशी पर हमला, भागकर बचाई जान

दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई। बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु सरकार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कथित समर्थकों ने घेरकर पीट दिया। वायरल वीडियो में सुवेंदु सरकार भीड़ से बचने के लिए भागते नजर आ रहे हैं, जबकि उनके सुरक्षाकर्मी उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि सुवेंदु एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, जो बीजेपी के पोलिंग एजेंट को बूथ के अंदर जाने से रोक रहा था। इस दौरान भीड़ उन पर टूट पड़ी। चुनाव आयोग ने वीडियो के आधार पर हमलावरों की शिनाख्त कर फौरन एक्शन लेने को कहा है।

मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर पर ईंट-पत्थरों से हमला

हिंसा का केंद्र बने मुर्शिदाबाद में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर जब नौदा इलाके में बीती रात हुए बम धमाके के पीड़ितों से मिलने पहुंचे, तो उनकी कार पर हमला बोल दिया गया। उपद्रवियों ने उनकी गाड़ी पर लाठियां और ईंटें बरसाईं। इसके बाद हुमायूं कबीर वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के गुंडे और पुलिस की मिलीभगत से उनके समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है।

कूचबिहार में CAPF का एक्शन: भीड़ पर बरसाईं लाठियां

कूचबिहार के तूफानगंज में मतदान के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई थी, जो मतदाताओं को प्रभावित करने और डराने की कोशिश कर रही थी। माहौल को बिगड़ता देख वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने मोर्चा संभाला। जवानों ने लाठीचार्ज कर हुड़दंगियों को खदेड़ दिया। कूचबिहार, सिलीगुड़ी और मालदा से भी लगातार झड़पों और बूथों पर तनाव की खबरें आ रही हैं, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

90 लाख मतदाता बाहर? सियासी पारा हाई

इन चुनावों के बीच ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के बाद मतदाता सूची से करीब 90 लाख नामों के हटने का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। सुवेंदु अधिकारी ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है। हिंसा और राजनीतिक दांव-पेच के बीच बंगाल में पहले चरण के मतदान का प्रतिशत 11 बजे तक 41% के पार पहुंच गया है, जो भारी तनाव के बावजूद जनता की भागीदारी को दर्शाता है।

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