कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों से हिंसा और झड़प की खबरें सामने आ रही हैं। लोकतंत्र के महापर्व पर उस समय अशांति का साया मंडराने लगा जब मुर्शिदाबाद, सिलीगुड़ी और कूचविहार जैसे संवेदनशील इलाकों में राजनीतिक दल आपस में भिड़ गए। सबसे गंभीर स्थिति मुर्शिदाबाद में देखने को मिली, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई।
#WATCH पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 | मुर्शिदाबाद में TMC और आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। pic.twitter.com/VaucMAF3ez
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 23, 2026
मुर्शिदाबाद में रणक्षेत्र बना पोलिंग बूथ, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
#WATCH पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 | वीडियो मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की है, जहां TMC और आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।
दोनों तरफ से एक-दूसरे पर पत्थर भी फेंके जा रहे हैं। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल स्थिति को काबू करने की कोशिश कर रहे हैं। pic.twitter.com/OOPq8bi8Jt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 23, 2026
मुर्शिदाबाद जिले में मतदान प्रक्रिया के दौरान हालात उस समय बेकाबू हो गए जब TMC कार्यकर्ताओं और AUJP संस्थापक हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच तीखी बहस मारपीट में बदल गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हो रही है। केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया, जिससे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
#WATCH | मुर्शिदाबाद: आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने कहा, "नओदा पुलिस ने मेरे समर्थक के खिलाफ कार्रवाई की, उन्हें घर में घुसकर मारा, उनपर जो लाठीचार्ज किया यह नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए… इन्हें थाने से हटाना चाहिए और… pic.twitter.com/qhHJALARE7
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पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे हुमायूं कबीर, लगाए गंभीर आरोप
झड़प के बाद AUJP प्रमुख हुमायूं कबीर ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और वे धरने पर बैठ गए हैं। कबीर का आरोप है कि पुलिस पक्षपात कर रही है और उनके समर्थकों को घरों में घुसकर पीटा गया है। उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयोग को लापरवाह पुलिस अधिकारियों को तुरंत हटाना चाहिए। कबीर ने कहा, “जब तक TMC की गुंडागर्दी पर लगाम नहीं लगती और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित नहीं होते, मैं धरने से नहीं उठूंगा। जनता को वोट देने से डराया-धमकाया जा रहा है।”
#WATCH | मुर्शिदाबाद: TMC नओदा ब्लॉक अध्यक्ष सोफ़िउज़्ज़मान शेख हबीब ने कहा, "हुमायूं कबीर की सोच अराजक है। उनका इरादा अफ़रा-तफ़री मचाना है; चुनाव के दिन, वह 15 गाड़ियों के काफ़िले के साथ आया था, जिसमें असामाजिक तत्व और ऐसे अपराधी भी शामिल थे जिनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज हैं…हुमायूं… https://t.co/jhFfuonUVG pic.twitter.com/DhGscXWeMS
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TMC का पलटवार: ’15 गाड़ियों के काफिले के साथ गुंडागर्दी करने आए कबीर’
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन पर ही अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। TMC के नाओदा ब्लॉक अध्यक्ष सोफिउज़्जमान शेख हबीब ने कहा कि हुमायूं कबीर चुनाव के दिन 15 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे थे, जिसमें कई नामजद अपराधी शामिल थे। हबीब का दावा है कि AUJP नेता इलाके में अराजकता फैलाना चाहते थे, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। उन्होंने चुनाव आयोग से कबीर की गतिविधियों पर सख्ती बरतने की अपील की है।
सिलीगुड़ी और कूचविहार में भी छिटपुट हिंसा
केवल मुर्शिदाबाद ही नहीं, बल्कि उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी और कूचविहार से भी तनाव की खबरें मिली हैं। कई बूथों पर मतदाताओं को रोकने और फर्जी वोटिंग के आरोपों को लेकर छिटपुट झड़पें हुई हैं। चुनाव आयोग ने इन घटनाओं पर रिपोर्ट तलब की है और संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के निर्देश दिए हैं ताकि शेष चरणों का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
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