Wednesday , 22 April 2026

ग्लैमर की दुनिया को अलविदा: पहले ‘दुल्हन’ बन खिंचवाया फोटो, फिर खुद का पिंडदान कर संन्यासी बनीं हर्षा रिछारिया; जानें ‘साध्वी हर्षानंद गिरि’ के सफर की पूरी कहानी

उज्जैन: साल 2025 के महाकुंभ में अपनी खूबसूरती और आध्यात्मिक लुक से करोड़ों लोगों का ध्यान खींचने वाली सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर हर्षा रिछारिया ने अब पूरी तरह से सांसारिक मोह-माया को त्याग दिया है। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी के पावन तट पर हर्षा ने संन्यास की दीक्षा लेकर जीवन का नया अध्याय शुरू किया है। 19 अप्रैल 2026 को उन्होंने विधि-विधान के साथ खुद को धर्म और अध्यात्म के लिए समर्पित कर दिया।

Harsha Richhariya Sanyas

पंचायती निरंजनी अखाड़े में दीक्षा: अब कहलाएंगी ‘हर्षानंद गिरि’

उज्जैन के मंगलनाथ स्थित गंगाघाट पर मौनी तीर्थ आश्रम में एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। यहां पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर सुमनानंद गिरि महाराज ने हर्षा को संन्यास की दीक्षा दिलाई। संन्यास की कठिन परंपराओं का पालन करते हुए हर्षा ने अपनी शिखा और दंड का त्याग किया। सनातन परंपरा के अनुसार, उन्होंने अपने पितरों का तर्पण करने के साथ-साथ स्वयं का भी पिंडदान किया, जो इस बात का प्रतीक है कि उनका पिछला सांसारिक जीवन अब समाप्त हो चुका है। दीक्षा के बाद उन्हें नया नाम ‘हर्षानंद गिरि’ दिया गया है।

हर्षा रिछारिया ने उज्जैन में लिया संन्यास, बनीं साध्वी हर्षानंद गिरि

दुल्हन के लुक में वीडियो कर दिया था वायरल: फैंस रह गए हैरान

संन्यास लेने से महज कुछ दिन पहले हर्षा ने सोशल मीडिया पर ‘ब्राइडल लुक’ (दुल्हन के लिबास) में अपनी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। 7 अप्रैल को हल्दी सेरेमनी और उसके बाद वेडिंग गेटअप वाली इन पोस्ट्स ने उनके लाखों फॉलोअर्स के बीच खलबली मचा दी थी। लोग कयास लगा रहे थे कि हर्षा शादी के बंधन में बंधने वाली हैं, लेकिन असल में वह अपनी ‘सांसारिक विदाई’ का जश्न मना रही थीं। हर्षा ने इसे अपने इंस्टाग्राम पर “नए जन्म की शुरुआत” बताया है।

हर्षा रिछारिया की पूरी कहानी: झांसी से उज्जैन तक, दुल्हन लुक के बाद बनीं साध्वी हर्षानंद गिरि

झांसी से उत्तराखंड और अब उज्जैन तक का सफर

26 मार्च 1994 को उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड (झांसी) के मऊरानीपुर में जन्मीं हर्षा का परिवार बाद में भोपाल शिफ्ट हो गया था। पिछले कुछ समय से वे उत्तराखंड की वादियों में रहकर भक्ति मार्ग पर अग्रसर थीं। सोशल मीडिया पर उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है; इंस्टाग्राम पर 1.7 मिलियन और फेसबुक पर करीब 1.5 लाख लोग उन्हें फॉलो करते हैं। वह खुद को ‘सनातनी प्रचारक’ और ‘महादेव की उपासक’ कहती आई हैं।

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महाकुंभ 2025 की वो ‘वायरल साध्वी’ जिसने बटोरी थीं सुर्खियां

हर्षा रिछारिया पहली बार तब चर्चा में आईं जब प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान उनकी तस्वीरें इंटरनेट पर आग की तरह फैल गईं। 4 जनवरी 2025 को निरंजनी अखाड़े की पेशवाई में पीले वस्त्र और रुद्राक्ष की माला पहने जब वे रथ पर सवार हुईं, तो उन्हें “दुनिया की सबसे खूबसूरत साध्वी” का टैग मिला। हालांकि, इस दौरान उन्हें काफी ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने विचलित हुए बिना अपने आध्यात्मिक सफर को जारी रखा और अब पूर्ण रूप से साध्वी बन गई हैं।

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