Sunday , 28 June 2026

चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा, 8 आरोपियों को जेल… राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में क्या-क्या हुआ?

अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और चंदे की चोरी के सनसनीखेज मामले में हर पल नए और चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। इस पूरे महाघोटाले ने न सिर्फ अयोध्या बल्कि पूरे देश की सियासत और धार्मिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। शुक्रवार का दिन इस केस के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब एक के बाद एक तीन बड़े घटनाक्रमों ने हर किसी को हैरान कर दिया। सुबह की शुरुआत जहां राम मंदिर ट्रस्ट के दो सबसे ताकतवर चेहरों के इस्तीफे से हुई, वहीं दोपहर होते-होते सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, SIT जांच और CM योगी के कड़े तेवर का असर!

इस चर्चित मामले में शुक्रवार सुबह की शुरुआत एक बहुत बड़ी खबर से हुई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सीनियर ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से अचानक इस्तीफा दे दिया। चंपत राय जहां ट्रस्ट के गठन के बाद से ही इसके सबसे प्रमुख रणनीतिकार और महासचिव की भूमिका में थे, वहीं अनिल मिश्रा ट्रस्टी के तौर पर मंदिर की पूरी कानूनी और व्यावहारिक व्यवस्था संभाल रहे थे। सूत्र बता रहे हैं कि इन दोनों बड़े चेहरों का इस्तीफा एसआईटी (SIT) की शुरुआती जांच रिपोर्ट और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद कड़े रुख के बाद हुआ है। मुख्यमंत्री ने पहले ही साफ कर दिया था कि राम मंदिर की मर्यादा और जनआस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।

CCTV ने खोला 70 बार चोरी का राज, जेबों में भरकर ले जाते थे नोट और जेवर

जांच में जुटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के हाथ सबसे बड़ा और पुख्ता सबूत सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के रूप में लगा है। पुलिस ने अदालत को बताया कि 27 अप्रैल से 5 जून 2026 तक की लगभग डेढ़ महीने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग खंगाली गई, जिसमें करीब 70 बार आरोपियों द्वारा चोरी और गबन की संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देते हुए देखा गया। आरोपी टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा और रमाशंकर मिश्र नोटों की गिनती करने के बाद कैश और कीमती आभूषणों को चुपके से अलग कर लेते थे और अपनी जेबों में छिपाकर हॉल से बाहर ले जाते थे। सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि ड्यूटी खत्म होने के बाद इन कर्मचारियों की कोई तलाशी या चेकिंग ही नहीं की जाती थी।

लवकुश के घर से मिले 10 लाख, 7 आरोपियों से कुल 80 लाख रुपये का कैश बरामद

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। एसआईटी ने अब तक गिरफ्तार किए गए 7 आरोपियों की निशानदेही पर कुल 79.85 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी रिकवर कर ली है। जांच टीम ने जब आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी की, तो वहां से अकेले 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए। वहीं, 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई नकद बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस का साफ कहना है कि सुभाष इस पूरे सुनियोजित षड्यंत्र का मुख्य हिस्सा था। इसके अलावा, आरोपी अनुकल्प मिश्रा पर अपने बहनोई लवकुश के साथ मिलकर वाउचर सिस्टम और रिकॉर्ड मेंटेनेंस में भारी हेराफेरी करने का आरोप है। नोट गिनने वाले हॉल और दानपात्र की चाबियां मुख्य आरोपी टिन्नू के पास ही रहती थीं।

सभी 8 आरोपी कोर्ट में पेश, 3 दिन के लिए भेजे गए जेल; सोमवार को पुलिस रिमांड की तैयारी

गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को भारी सुरक्षा के बीच जिला अदालत में पेश किया गया। चूंकि शुक्रवार को नियमित जज उपलब्ध नहीं थे, इसलिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को रविवार तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों से चंदा चोरी के इस पूरे नेक्सस और छुपे हुए पैसों के बारे में और पूछताछ करने के लिए सोमवार यानी 29 जून को नियमित अदालत में पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।

VHP अध्यक्ष का बड़ा सुझाव- मंदिर प्रबंधन के लिए नियुक्त हो एक सक्षम CEO

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरों के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की पूरी व्यवस्था को अब और अधिक मजबूत, पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक तकनीक पर आधारित बनाया जाना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि मंदिर के रोजाना के प्रबंधन के लिए प्रशासनिक अनुभव रखने वाले एक सक्षम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जानी चाहिए। साथ ही, वहां की भर्ती प्रक्रिया, वित्तीय निगरानी और पूरी कार्यप्रणाली को पूरी तरह से मानकीकृत (Standardized) किया जाए, ताकि भगवान के चढ़ावे का एक भी रुपया इधर-उधर न हो सके।

CM योगी की दोटूक- जनआस्था से खिलवाड़ पर चलेगी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

देवरिया में आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले पर अपना कड़ा रुख दोहराते हुए सख्त संदेश दिया है। सीएम योगी ने दोटूक शब्दों में कहा कि अयोध्या करोड़ों सनातनियों की अटूट आस्था का केंद्र है और इसकी मर्यादा का हर हाल में सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि एसआईटी की रिपोर्ट आते ही कड़ी कार्रवाई होगी और अब उसकी शुरुआत हो चुकी है। जनआस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और सरकार इस पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत काम कर रही है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े कोई भी पुख्ता प्रमाण हैं, तो वे बेझिझक एसआईटी के सामने पेश करें।

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