Wednesday , 9 September 2026

NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन: 24 घंटे में लिए गए 6 बड़े फैसले, NTA के 47 अफसर बर्खास्त, क्या अब बनेगी प्रदर्शनकारियों से बात?

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक घमासान के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए चौतरफा कदम उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए सरकार ने पिछले 24 घंटों में 6 बड़े ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

दूसरी ओर, 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के हस्तक्षेप और लिखित आश्वासन के बाद मेदांता अस्पताल में अपना अनशन समाप्त कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए 6 प्रमुख कदम कौन से हैं:

1. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगी कानूनी कार्रवाई

सोनम वांगचुक और छात्र प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में केंद्र सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसी भी छात्र या कार्यकर्ता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं होगी और न ही कोई मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने मौजूदा मानसून सत्र में संसद के भीतर NTA टेस्टिंग सिस्टम में सुधारों और गड़बड़ियों पर आधिकारिक चर्चा कराने का भी वादा किया है।

2. पीड़ित परिवारों को आर्थिक मुआवजे का आश्वासन

सरकार ने CJP के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर सहमति जताई है कि परीक्षा में हुई धांधली और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया पर भी सकारात्मक निर्णय लिया गया है।

3. फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन का पीएम मोदी का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पेपर लीक सिंडिकेट और दोषियों पर त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Dedicated Fast-Track Courts) का गठन तुरंत किया जाएगा, ताकि मामलों का निपटारा बिना किसी देरी के हो सके।

4. दोषियों को 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का कानून

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट’ को बेहद सख्त बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। नए विधायी बदलावों के तहत पेपर लीक की साजिश में शामिल व्यक्तियों या संस्थाओं के दोषी पाए जाने पर 10 साल तक के कठोर कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के भारी अर्थदंड का प्रावधान किया जा रहा है।

5. NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की साख और कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए सरकार ने कड़ा चाबुक चलाया है। NTA के 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है, जिनमें से कई के खिलाफ आपराधिक मुकदमे चलाए जाएंगे। इसके अलावा, NTA के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सुरक्षा और operational transparency में सुधार के लिए विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय स्वतंत्र समिति का भी गठन किया जा रहा है।

6. उच्च शिक्षा सचिव बदले गए, CBI जांच में 13 गिरफ्तारियां

प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को पद से हटा दिया गया है और उनके स्थान पर नरेश पाल गंगवार को नया सचिव नियुक्त किया गया है। मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की विशेष एसआईटी (SIT) द्वारा तेजी से की जा रही है, जिसने अब तक मुख्य नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 13 आरोपियों को जेल भेज दिया है। पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए दोबारा परीक्षा का आयोजन करवाकर नतीजे भी जारी कर दिए गए हैं और दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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