Friday , 7 August 2026

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा खुलासा : NTA के 3 एक्सपर्ट्स ने होटल में पर्चियों पर उतारे थे सवाल, 94 पन्नों की चार्जशीट में सामने आई चौंकाने वाली साजिश

नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल अपनी 94 पन्नों की चार्जशीट में बड़ा खुलासा किया है। सीबीआई के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के गोपनीय विभाग में सेंध लगाने का तरीका बेहद साधारण था। पेपर बनाने वाली टीम के एक्सपर्ट्स सवाल याद करते थे, उन्हें कागज की पर्चियों पर नोट करते थे और NCERT की किताबों में संबंधित पैराग्राफ पर निशान लगा देते थे।

NTA के 3 विषय विशेषज्ञ ही निकले मुख्य सूत्रधार

सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, इस पूरी साजिश की मुख्य कड़ी NTA की पेपर बनाने वाली टीम के तीन विषय विशेषज्ञ थे। इनमें केमिस्ट्री एक्सपर्ट पीवी कुलकर्णी, बॉटनी एक्सपर्ट मनीषा मंधारे और फिजिक्स एक्सपर्ट मनीषा हवलदार शामिल हैं। आरोप है कि सवाल तैयार करने और अनुवाद (मॉडरेशन) की प्रक्रिया के दौरान इन तीनों को प्रश्नपत्रों का ऑफिशियल एक्सेस मिला हुआ था। ये एक्सपर्ट आसान सवालों को याद कर लेते थे और रात में अपने होटल के कमरे में जाकर उन्हें कागज पर लिख लेते थे। इसके बाद ये पर्चियां बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाई जाती थीं।

पैसे कमाने और कोचिंग का सक्सेस रेट बढ़ाने की मंशा

जांच एजेंसी ने दावा किया है कि इस लीक के पीछे भारी रकम कमाने के साथ-साथ आरोपियों द्वारा संचालित प्राइवेट ट्यूशन क्लासेस का सफलता दर (Success Rate) बढ़ाना मुख्य मकसद था। प्राइवेट कोचिंग केंद्रों में छात्रों से लीक हुए सवाल हाथ से लिखवाए जाते थे ताकि कोई डिजिटल साक्ष्य न बचे। तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई ने ऐसे कई हस्तलिखित नोट्स बरामद किए हैं।

NTA की सुरक्षा व्यवस्था में खुली बड़ी लापरवाही की पोल

चार्जशीट में NTA के सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सीबीआई ने स्पष्ट किया कि NTA के कॉन्फिडेंशियल सेक्शन (गोपनीय विभाग) में काम करने वाले एक्सपर्ट्स की चेकिंग या तलाशी का कोई पुख्ता नियम ही नहीं था। इसी ढिलाई का फायदा उठाकर आरोपी पीवी कुलकर्णी ने 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच महज तीन दिनों में 135 सवालों का बैक-ट्रांसलेशन करने के दौरान उन्हें याद कर बाहर पहुंचा दिया।

13 आरोपी, 360 गवाह और 20 हजार पन्नों के दस्तावेज दाखिल

इस केस में सीबीआई ने कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें 3 एनटीए एक्सपर्ट्स, कोचिंग संचालक, बिचौलिए और लाभार्थी छात्र शामिल हैं। ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई ने 20,000 पन्नों के दस्तावेजों के साथ 360 गवाह, 422 दस्तावेजी साक्ष्य और 43 भौतिक सबूत अदालत में पेश किए हैं।

5 राज्यों में छापेमारी और साइबर फॉरेंसिक की मदद से जांच

सीबीआई ने 12 मई को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद 72 अधिकारियों और 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की विशेष टीमें गठित की थीं। महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी कर डिजिटल डिवाइसेज, कागजात और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए गए। आरोपियों के बैंक खाते, लॉकर और डीमैट अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं। हालांकि, सीबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये सभी आरोप अभी अदालत में सिद्ध होने बाकी हैं।

 

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