Wednesday , 8 July 2026

गुजरात में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल का भंडाफोड़, ‘गजवा-ए-हिंद’ के लिए युवाओं को भड़काने वाले 8 संदिग्ध गिरफ्तार, पाक से मिल रही थी फंडिंग

अहमदाबाद। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने देश के खिलाफ रची जा रही एक बेहद खतरनाक और बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। एटीएस ने प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 8 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए संदिग्धों में से 7 गुजरात के अलग-अलग जिलों के हैं, जबकि एक आरोपी मध्य प्रदेश के देवास का रहने वाला है।

जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर ‘गजवा-ए-हिंद’ (भारत के खिलाफ जिहाद) के लिए तैयार करने की बड़ी साजिश रच रहे थे। कोर्ट ने सभी 8 आरोपियों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर एटीएस को सौंप दिया है।

पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे मुख्य सरगना, मिले थे ₹3 लाख

गुजरात एटीएस के महानिरीक्षक (IG) सुनील जोशी ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि काफी समय से उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित पालनपुर के भागल गांव में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। एटीएस की कड़ी निगरानी के बाद यह साफ हुआ कि इन युवकों ने कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी मौलाना मसूद अजहर की विचारधारा से प्रेरित होकर ‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ नाम का एक गुप्त ग्रुप बना रखा था।

इस मॉड्यूल के दो मुख्य सूत्रधार अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला (19) और इब्राहिम हुसैन घाघा (30) सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर ‘अब्दुल्ला’ के संपर्क में थे। पाकिस्तानी हैंडलर ने इस नेटवर्क को आगे बढ़ाने के लिए गुजरात-राजस्थान सीमा पर एक गुप्त स्थान के जरिए 3 लाख रुपये की नकदी भेजी थी। इन पैसों में से डेढ़ लाख रुपये में एक पुरानी कार खरीदी गई थी, जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल वे संगठन के विस्तार और अपने खर्चों के लिए कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर ‘जिहादी’ जहर, हाईवे पर कश्मीरी लिंक से गुप्त मीटिंग

एटीएस के पुलिस अधीक्षक (SP) हिमांशू उपाध्याय को पूछताछ के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी मिली। मुख्य आरोपी अहमद और इब्राहिम कुछ समय पहले कश्मीर से वडोदरा आए एक अज्ञात व्यक्ति से मिले थे। यह मुलाकात किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि हाईवे पर एक सुनसान और खुले स्थान पर करीब 4 घंटे तक चली थी, जहां आगे की रणनीति तय की गई थी।

ये आरोपी व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर युवाओं को जाल में फंसाते थे। वे मसूद अजहर के भारत विरोधी और भड़काऊ भाषणों के वीडियो तथा ऑडियो आपस में शेयर करते थे। इनका मुख्य उद्देश्य भारत के भीतर जैश का एक बड़ा स्लीपर सेल तैयार करना था। इसके लिए वे पाकिस्तान और सऊदी अरब में बैठे कट्टरपंथियों से लगातार आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद की गुहार लगा रहे थे।

गांव के मौलवी को भी जोड़ा, व्हाट्सएप ग्रुप में था सख्त पहरा

जांच में पता चला है कि इन आरोपियों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप में गांव के ही एक मौलवी को भी जोड़ रखा था। इस ग्रुप में केवल यही 8 आरोपी शामिल थे। ये ग्रुप में किसी भी नए सदस्य को जोड़ने से पहले उसकी मानसिकता को परखते थे। जो युवक जिहादी विचारधारा या चरमपंथ की तरफ थोड़ा भी झुकाव दिखाता था, ये उसे अपनी विशेष मजहबी बैठकों (दावत) में बुलाते थे और धीरे-धीरे उसका ब्रेनवाश करते थे। पकड़े गए सभी आरोपियों की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है। ये सभी पालनपुर के भागल गांव के एक मदरसे से जुड़े रहे हैं। हालांकि, इनमें से किसी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और ये समाज की नजरों से बचने के लिए छोटा-मोटा काम करते थे।

मध्य प्रदेश के देवास से पकड़ा गया ‘साइलेंट किलर’ बिलाल

इस ऑपरेशन के तहत एटीएस ने मध्य प्रदेश के देवास स्थित वारसीनगर से 18 वर्षीय बिलाल दुर्रानी घाघा को दबोचा। बिलाल का परिवार कुछ साल पहले भागल गांव से ही देवास शिफ्ट हुआ था। बिलाल के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि वह बेहद शांत रहता था और किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। मध्य प्रदेश में रहने के बावजूद वह केवल गुजराती भाषा में ही बात करता था और उसका लगातार गुजरात के भागल गांव में आना-जाना लगा रहता था। गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई हैं, जबकि दो आरोपी आपस में मामा-भांजे हैं।

जब्त साहित्य में इजरायल-अमेरिका का जिक्र, लिखा- ‘तुम पर जंग फर्ज है’

आईजी सुनील जोशी के मुताबिक, पाकिस्तानी हैंडलर इस स्लीपर सेल को किसी बड़े और विशेष मौके पर आत्मघाती या बड़े हमले के लिए तैयार कर रहा था। धार्मिक कट्टरता के कारण ये सभी युवा इस दलदल में धंसते चले गए।

एटीएस ने इनके पास से भारी मात्रा में देश विरोधी और जिहादी साहित्य, डिजिटल वीडियो और जैश-ए-मोहम्मद का हाथ से बना एक झंडा बरामद किया है। जब्त की गई उर्दू पुस्तकों के कवर पेज पर अमेरिका और इजरायल के झंडे, इजरायल का नक्शा, मस्जिद-ए-अक्सा और डोम ऑफ द रॉक के चित्र बने हैं। इस पर उर्दू में “गाजा की पुकार, आओ अपनी जड़ों की ओर लौटें, क्या हम सो रहे हैं?” जैसे भड़काऊ नारे लिखे हैं।

इसके अलावा एक अन्य पुस्तक के कवर पर रसूल की तलवार के चित्र के साथ उर्दू में लिखा है— “कुतिबा अलैकुमुल किताल” अर्थात ‘तुम पर जंग फर्ज किया गया है’। पुस्तक में युवाओं को ‘गजवा-ए-हिंद’ के लिए मानसिक रूप से तैयार करने और भारत के खिलाफ जहर उगलने वाली बातें लिखी हैं। इस विवादित साहित्य के प्रकाशक का नाम ‘मकतबा अजीजिया’ सामने आया है।

गिरफ्तार किए गए 8 संदिग्धों की कुंडली:

  1. अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला (उम्र 19 वर्ष) — निवासी: भागल, पालनपुर, गुजरात (मुख्य सूत्रधार)

  2. इब्राहिम हुसैन घाघा (उम्र 30 वर्ष) — निवासी: भागल, पालनपुर, गुजरात (मुख्य सूत्रधार)

  3. मुदस्सिर गाजीवाला (उम्र 22 वर्ष) — निवासी: भागल, पालनपुर, गुजरात

  4. जकारिया दुर्रानी घाघा (उम्र 21 वर्ष) — निवासी: जामिया अबुल हसन मदरसा, खडियासाना गांव, सिद्धपुर, पाटन (गुजरात)

  5. मुफ्ती फौजान (उम्र 40 वर्ष) — निवासी: जामिया अबुल हसन मदरसा, खडियासाना गांव, सिद्धपुर, पाटन (गुजरात)

  6. मोहम्मद अमीन शेरा (उम्र 21 वर्ष) — निवासी: जामिया अबुल हसन मदरसा, खडियासाना गांव, सिद्धपुर, पाटन (गुजरात)

  7. मोहम्मद अब्दुल सावदी (उम्र 22 वर्ष) — निवासी: चीखली, नवसारी, गुजरात

  8. बिलाल दुर्रानी घाघा (उम्र 18 वर्ष) — निवासी: वारसीनगर, देवास, मध्य प्रदेश

कंधार विमान हाईजैक का विलेन है मसूद अजहर

आपको बता दें कि जिस मौलाना मसूद अजहर की विचारधारा पर यह ग्रुप काम कर रहा था, वह जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है और भारत समेत पूरी दुनिया में प्रतिबंधित है। भारत ने उसे साल 1994 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दिसंबर 1999 में हुए कुख्यात कंधार विमान अपहरण (IC-814) के दौरान यात्रियों की सुरक्षित रिहाई के बदले मजबूरी में उसे छोड़ना पड़ा था। मसूद अजहर भारत की संसद पर हमला, पुलवामा आतंकी हमला और पठानकोट एयरबेस हमले का मुख्य आरोपी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) उसे ‘ग्लोबल टेररिस्ट’ (वैश्विक आतंकवादी) घोषित कर चुकी है।

एटीएस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 13, 17, 18, 38 व 39 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148 व 61 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि इनके पूरे नेटवर्क को पूरी तरह उखाड़ फेंका जा सके।

 

Check Also

‘अब तुम्हें विदा करना होगा..’ बहन अंशुला की शादी पर भावुक हुए अर्जुन कपूर, मंडप में मां की तस्वीर देख रो पड़े फैंस

बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर अपनी लाडली बहन अंशुला कपूर की शादी के बाद बेहद भावुक …