Wednesday , 8 July 2026

कानपुर देहात में एंटी करप्शन टीम का बड़ा धमाका: 20 हजार की घूस लेते बिजली विभाग का JE रंगे हाथ गिरफ्तार, सबस्टेशन में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के खिलाफ एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। झींझक कस्बे के भोला नगर विद्युत उपकेंद्र (बिजली सबस्टेशन) पर तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) को एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए दबोच लिया है। सरकारी कामों में ठेकेदारों से ‘एडवांस कमीशन’ वसूलने वाले इस घूसखोर अफसर का खेल अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।

एडवांस कमीशन न मिलने पर रोक रखी थी सरकारी फाइल

यह पूरा मामला बिजली लाइनों की मरम्मत के काम से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, बिरिया गढ़ेवा के रहने वाले पुनीत सिंह के पिता की ‘क्षत्रिय इलेक्ट्रिकल’ नाम से एक फर्म है, जो बिजली विभाग में ठेकेदारी का काम करती है। इस फर्म ने हाल ही में सबस्टेशन के अंतर्गत लाइनों की मरम्मत का काम पूरा किया था, जिसका करीब 1 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान विभाग की तरफ से बकाया था। लेकिन इस भुगतान को पास करने के बदले वहां तैनात जेई रंगलाल पाल ठेकेदार पर लगातार बिल की छह प्रतिशत धनराशि (करीब 20 हजार रुपये) बतौर एडवांस कमीशन देने का दबाव बना रहा था।

लोन और मजबूरी की दुहाई भी नहीं आई काम, अफसरों ने भी फेरा मुंह

पीड़ित ठेकेदार पुनीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी खराब आर्थिक स्थिति और बैंक लोन का हवाला देकर जेई रंगलाल पाल के सामने हाथ-पैर जोड़े और इतनी बड़ी रकम एडवांस में देने में असमर्थता जताई। इसके बावजूद घूसखोर जेई का दिल नहीं पसीजा और उसने साफ कह दिया कि जब तक कमीशन की रकम हाथ में नहीं आएगी, तब तक वह एमवी (Measurement Book/माप पुस्तिका) पर दस्तखत नहीं करेगा। परेशान ठेकेदार ने इस अवैध वसूली की शिकायत बिजली विभाग के आला अधिकारियों की चौखट पर जाकर भी की, लेकिन भ्रष्टाचार की चादर ओढ़े बैठे अफसरों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल, कैमिकल लगे नोट पकड़ते ही दबोचा

अधिकारियों से कोई मदद न मिलने पर पीड़ित ठेकेदार ने हार मानने के बजाय सीधे एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। एंटी करप्शन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जाल बिछाया। सोमवार को टीम ने शिकायतकर्ता को कैमिकल लगे हुए 20 हजार रुपये के नोट देकर जेई के पास भेजा। जैसे ही सबस्टेशन के भीतर जेई रंगलाल पाल ने रिश्वत की वह रकम अपने हाथ में पकड़ी, पहले से ही ताक में बैठी एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने जब जेई के हाथ धुलवाए, तो कैमिकल के कारण उसके हाथ लाल हो गए, जिससे घूसखोरी का पुख्ता सबूत मौके पर ही मिल गया।

सबस्टेशन में मची अफरा-तफरी, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

जेई की इस तरह अचानक हुई गिरफ्तारी से पूरे बिजली उपकेंद्र में हड़कंप मच गया और वहां तैनात अन्य कर्मचारियों के हाथ-पैर फूल गए। एंटी करप्शन की टीम आरोपी जेई रंगलाल पाल को अपनी कस्टडी में लेकर तुरंत वहां से अकबरपुर कोतवाली के लिए रवाना हो गई। अकबरपुर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी कृष्ण मोहन राय ने बताया कि ठेकेदार की शिकायत पर गुप्त छानबीन की गई थी, जिसमें मामला पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद ही यह सफल रेड की गई और आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा गया है।

Check Also

लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के ‘इंटरनेशनल क्राइम सिंडिकेट’ पर FBI का बड़ा एक्शन, क्या अब होगी प्रत्यर्पण की तैयारी?

नई दिल्ली/वॉशिंगटन दुनियाभर में खौफ का पर्याय बन चुके गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों …