
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितता और बड़े पैमाने पर धांधली के मामले में सीआईडी (CID) ने अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक कार्रवाई शुरू कर दी है। CID और विभिन्न थानों की संयुक्त पुलिस टीमों ने पूरे प्रदेश में एक साथ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को राज्य के चार प्रमुख जिलों—रांची, बोकारो, पलामू और हजारीबाग के लगभग 20 ठिकानों पर एक साथ हुई ताबड़तोड़ छापेमारी से प्रशासनिक और परीक्षा से जुड़े महकमों में हड़कंप मच गया है।
OMR शीट, हार्ड डिस्क और डिजिटल सबूतों की सघन जांच
जांच एजेंसी की प्राथमिकता इस फर्जीवाड़े की जड़ों तक पहुंचना है। यही वजह है कि छापेमारी के दौरान मुख्य रूप से परीक्षा संचालन, OMR शीट के मूल्यांकन और डेटा प्रोसेसिंग से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के ठिकानों को सीधा निशाना बनाया गया। जांच टीमें मौके से अहम दस्तावेज, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, लैपटॉप और कई बेहद संवेदनशील डिजिटल व लिखित साक्ष्य खंगालने में जुटी हैं, ताकि इस घोटाले के हर मास्टरमाइंड का चेहरा बेनकाब हो सके।
हजारीबाग से लालू और प्रदीप यादव हिरासत में, करोड़ों के चेक बरामद
कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी सफलता हजारीबाग जिले में मिली, जहां सीआईडी की टीम ने मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पौता गांव स्थित राजेंद्र यादव के घर पर दबिश दी। वहां से जांच एजेंसी को करोड़ों रुपये के चेक, उत्पाद सिपाही परीक्षा के एडमिट कार्ड और कई संदेहास्पद दस्तावेज बरामद हुए। इसके तुरंत बाद पुलिस ने राजेंद्र यादव के दोनों बेटों—लालू यादव और प्रदीप यादव को हिरासत में ले लिया। जानकारी के मुताबिक, दोनों भाइयों में से एक का JPSC में चयन हुआ था, जबकि दूसरा इस पूरे नेटवर्क में बतौर ‘सेटर’ काम कर रहा था।

परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL के निदेशक और मैनेजर रिमांड पर
सीआईडी ने मामले में कोचिंग संचालकों, बिचौलियों और मुख्य मास्टरमाइंड अभय तिवारी के ठिकानों पर भी शिकंजा कसा है। JPSC परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी (उर्फ मनोज कुमार तिवारी) और प्रोग्रामर उस्मान को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा, OMR शीट गायब होने पर गहराया शक
जांच का दायरा बढ़ाते हुए सीआईडी ने रांची के धुर्वा (साइट-5) स्थित कोचिंग शिक्षक रवि शंकर कुमार और नामकुम स्थित आदित्य पांडेय के आवास पर भी रेड मारी। आदित्य की बहन ने भी JPSC पीटी परीक्षा पास की है, जिसके बाद आदित्य को हिरासत में लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ, एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी (जिसने 14वीं JPSC पीटी पास की है) से जब OMR शीट मांगी गई, तो उसने OMR शीट गायब होने का अजीब तर्क दिया। सीआईडी को उसका यह जवाब बेहद संदिग्ध लगा है और इस पहलू की भी गहराई से तफ्तीश की जा रही है।
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