पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में मासूम के साथ हुई दरिंदगी की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि पूर्वी बर्धमान जिले से भी सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की एक और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। देवानदीघी थाना क्षेत्र के पलितपुर कैनालपाड़ा इलाके में एक आदिवासी महिला की रहस्यमय मौत को लेकर पूरे राज्य में भारी हड़कंप मच गया है। मृतका के परिवार ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि महिला के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और 24 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। बुधवार को पांच सदस्यीय फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने घटनास्थल पर पहुंच गई है।
पति की तलाश में निकली थी 28 वर्षीय गृहिणी, खेत में मिला खून से लथपथ शव
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय आदिवासी गृहिणी का क्षत-विक्षत शव मंगलवार को पलितपुर नहर के किनारे स्थित एक सुनसान खेत से बरामद किया गया। हालांकि महिला का ससुराल दिघिरपार में है, लेकिन वह लंबे समय से अपने मायके पलितपुर में ही अपने परिवार के साथ रह रही थी। परिजनों ने बताया कि मंगलवार दोपहर वह अपने पति की तलाश में घर से बाहर निकली थी। कुछ देर बाद जब उसका पति खुद घर लौट आया, तब परिवार को पता चला कि पत्नी उसे ढूंढने बाहर गई है। इसके बाद जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों और स्थानीय लोगों ने अलग-अलग दिशाओं में उसकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद पलितपुर नहर के पास एक खेत में उनका लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल शव बरामद हुआ।
परिजनों का संगीन आरोप— गैंगरेप के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए की हत्या
घटना की सूचना मिलते ही देवानदीघी थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। मृतका के परिजनों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि दरिंदों ने पहले महिला को अकेले पाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और फिर अपनी पहचान छुपाने व साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उनकी बेरहमी से हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया। पीड़िता के परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों को फांसी या कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: बीरभूम और देवानदीघी से दो दरिंदे गिरफ्तार
कागजी कार्रवाई और परिवार द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल टीमें गठित कर सघन छापेमारी शुरू की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर ही दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शेख अज़ीज़ुल और शेख भदाई के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी शेख अज़ीज़ुल को देवानदीघी क्षेत्र से ही दबोचा गया, जबकि दूसरा आरोपी शेख भदाई वारदात के बाद बीरभूम जिले के नानूर क्षेत्र में भाग गया था, जिसे पुलिस ने पीछा कर हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट में पेशी और फॉरेंसिक जांच तेज, कड़े एक्शन की तैयारी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और सबूत नष्ट करने (साक्ष्य मिटाने) जैसी कई गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बुधवार को दोनों आरोपियों को सख्त सुरक्षा के बीच बर्धमान जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेने की अर्जी दी है ताकि घटना में शामिल किसी अन्य संभावित चेहरे या गहरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
इस बीच, मामले को पुख्ता और वैज्ञानिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बुधवार को पांच सदस्यीय राज्य फॉरेंसिक टीम भी पलितपुर कैनालपाड़ा स्थित वारदात वाली जगह पर पहुंची। टीम ने मिट्टी, खून के धब्बे और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक नमूने एकत्र किए हैं। जिला पुलिस प्रशासन का दावा है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की फास्ट ट्रैक जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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