Thursday , 6 August 2026

‘बांग्लादेश बन चुका है दूसरा पाकिस्तान’, साजीब वाजेद की चेतावनी; शेख हसीना बोलीं- “दिसंबर में लौटूंगी वतन”

नई दिल्ली। भारत का पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश इस समय एक बेहद संवेदनशील मोड़ से गुजर रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और उनके पूर्व सलाहकार साजीब वाजेद जॉय ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत के लिए इस समय सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती उसका पूर्वी मोर्चा है। उनके मुताबिक, बांग्लादेश अब ‘दूसरा पाकिस्तान’ बन चुका है और यह स्थिति भारत के लिए बेहद चिंताजनक होनी चाहिए।

नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC) के एक कार्यक्रम में वाजेद ने आगाह किया कि बांग्लादेश में विदेशी खुफिया एजेंसियों, विशेषकर पाकिस्तान की ISI को पूरी तरह से खुली छूट मिल चुकी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस उग्रवाद को तुरंत नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में दुनिया भर में पनपने वाले आतंकवाद का केंद्र बांग्लादेश ही होगा।

दो साल बाद शेख हसीना का पहला प्रेस कॉन्फ्रेंस, बयां किया दर्द

दूसरी ओर, सत्ता गंवाने के पूरे दो साल बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहली बार 5 अगस्त 2026 को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मीडिया को संबोधित किया। जुलाई-अगस्त 2024 की हिंसक घटनाओं और तख्तापलट को याद करते हुए वह भावुक नजर आईं। हसीना ने स्पष्ट किया कि शुरुआत में छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और उनकी सरकार बातचीत के लिए तैयार थी। हालांकि, बाद में कुछ देशविरोधी और संगठित समूहों ने इस आंदोलन को ढाल बनाकर पूरे देश में हिंसा और अराजकता फैलाई।

यूनुस के बयान का हवाला देकर बताया तख्तापलट का ‘असली मास्टरमाइंड’

अपने संबोधन के दौरान शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए उन पर सीधा निशाना साधा। हसीना ने कहा कि खुद यूनुस ने स्वीकार किया था कि यह आंदोलन बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया था और इसे एक ‘मास्टरमाइंड’ गाइड कर रहा था। हसीना के अनुसार, यूनुस के अपने शब्द ही इस साजिश की सच्चाई उजागर करते हैं। यह कोई आम या अचानक हुआ छात्र प्रदर्शन नहीं था, बल्कि पर्दे के पीछे से निर्देशित एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका इस्तेमाल लोकतांत्रिक रास्ते यानी बैलेट बॉक्स के बजाय हिंसा से सत्ता हथियाने के लिए किया गया।

“19 बार हत्या की कोशिश हुई, फिर भी दिसंबर में लौटूंगी वतन”

अपनी सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उन पर अब तक 19 बार जानलेवा हमले हो चुके हैं, लेकिन वह मौत से नहीं डरतीं। हसीना ने भावुक होकर कहा कि बांग्लादेश की जनता ने बीते दो सालों में काफी दर्द और खौफ झेला है। इस डर के माहौल को खत्म करने के लिए वह इस साल दिसंबर में हर हाल में बांग्लादेश वापस लौटेंगी, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न गंवानी पड़े।

बंद कैमरे के साथ दिया 25 मिनट का भाषण

सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना का कैमरा बंद रखा गया था, केवल उनकी आवाज ही सुनाई दे रही थी। लगभग 25 मिनट के इस संबोधन में उन्होंने मौजूदा अंतरिम सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें झूठे मुकदमों, दिखावटी अदालती कार्यवाहियों और फांसी की धमकियों से डराया नहीं जा सकता।

उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त 2024 को हुए उग्र छात्र आंदोलन और तख्तापलट के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर ढाका छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद से वह भारत में शरण लिए हुए हैं।

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