
नई दिल्ली/तेहरान। मिडिल ईस्ट (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को अगली सूचना तक पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान के इस कदम के तुरंत बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान पर इस हफ्ते का तीसरा और सबसे घातक सैन्य हमला शुरू कर दिया है।
इस जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों महाशक्तियों के बीच सीधे युद्ध की शुरुआत हो गई है। ईरान ने भी घुटने टेकने के बजाय पलटवार किया है और कतर व यूएई (UAE) समेत कई खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। पूरे खाड़ी क्षेत्र में बारूद की गंध फैल गई है और इस बीच वाशिंगटन से ईरान को एक बहुत बड़ी और सीधी धमकी दी गई है।
साइप्रस के जहाज पर फायरिंग के बाद भड़का अमेरिका
दरअसल, इस ताजा विवाद की चिंगारी तब भड़की जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक कमर्शियल कंटेनर जहाज पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले के बाद स्थितियां पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई हैं। ईरान की इस हिमाकत का जवाब देने के लिए अमेरिकी सेना ने शनिवार की पूरी रात ईरान के कई शहरों पर आसमान से भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए साफ किया है कि यह हमला होर्मुज में व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले के जवाब में किया गया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री की खुली धमकी: ‘ईरान को चुकानी होगी कीमत’
ईरान के खिलाफ अमेरिका के इस तीसरे दौर के सैन्य हमले के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा कर ईरान को खुली चेतावनी दी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ट्वीट करते हुए लिखा, “ईरान ने एक बेहद गलत फैसला किया है। अब उन्हें इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” अमेरिकी रक्षा मंत्री के इस बयान से साफ है कि अमेरिका अब पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं है। दूसरी ओर, ईरान ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की और अमेरिका पर पूर्व में हुए शांति समझौते की शर्तों को बेरहमी से तोड़ने का आरोप मढ़ दिया।
‘M/V GFS गैलेक्सी’ पर हमले का CENTCOM ने लिया बदला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर किए गए हवाई हमलों की पुष्टि अपने आधिकारिक ‘X’ (ट्विटर) हैंडल पर की है। CENTCOM ने लिखा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज, ‘M/V GFS गैलेक्सी’ पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के हमले के बाद, अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ तीसरे दौर का सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है। ये भीषण हमले कमांडर-इन-चीफ के सीधे निर्देश पर किए जा रहे हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान के इस कायरतापूर्ण हमले के बाद जहाज पर मौजूद चालक दल का एक नागरिक सदस्य लापता है और जहाज को बहुत भारी नुकसान पहुंचा है।
ईरान का पलटवार: ‘अमेरिका ने खुद तोड़ा समझौता’
इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान ने अपनी सफाई देते हुए अमेरिका को ही कटघरे में खड़ा किया है। हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में कहा गया है कि कोई भी समझौता (MOU) दोनों पक्षों की आपसी और बराबर की जिम्मेदारी होती है। जब एक पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं कर रहा हो, तो दूसरे पक्ष से नियमों के पालन की उम्मीद नहीं की जा सकती। ईरान के मुताबिक, समझौते के तहत वह 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर सहमत हुआ था, लेकिन अमेरिका ने इस भरोसे को तोड़ दिया।
अगले आदेश तक होर्मुज सील, दुनिया पर मंडराया तेल संकट
ईरान ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार करते हुए साफ-साफ कह दिया है कि जब तक इस क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी देश के जहाज को गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को चेतावनी दी है कि यदि अब कोई भी जवाबी कार्रवाई की गई, तो उसका अंजाम बेहद कड़ा और तत्काल भुगतना होगा। होर्मुज के बंद होने से अब पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।
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