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बस्ती में कलेजा चीर देने वाली घटना: पिता की मौत का सदमा नहीं सह पाया 15 साल का मासूम बेटा, कुछ ही घंटों बाद दोनों की एक साथ उठी अर्थी, रो पड़ा पूरा गांव

बनकटी (बस्ती)। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मुंडेरवा के परसा हज्जाम गांव में रविवार को एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में तबाह हो गया। यहां पिता की अचानक हुई मौत का सदमा एक 15 साल का मासूम बेटा बर्दाश्त नहीं कर सका और पिता का शव घर आंगन में आते ही उसने भी दम तोड़ दिया। कुछ ही घंटों के भीतर हुए इस दोहरे वज्रपात से पूरे गांव में मातम पसर गया है। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

नया मकान बनने की चल रही थी खुशी, पल भर में मातम में बदलीं खुशियां

मिली जानकारी के मुताबिक, परसा हज्जाम गांव के रहने वाले 50 वर्षीय ज्योति प्रकाश पुत्र भगवान दास रविवार सुबह करीब 9 बजे अपने नए मकान की नींव भरवाने का काम करवा रहे थे। घर में नया मकान बनने की खुशियां और उत्साह का माहौल था। ज्योति प्रकाश खुद खड़े होकर मजदूरों से काम करवा रहे थे कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया।

पिता का शव देखते ही अचेत हुआ लाडला, अस्पताल में तोड़ा दम

अस्पताल से जब ज्योति प्रकाश का शव एम्बुलेंस से उनके पैतृक घर पहुंचा, तो चीख-पुकार मच गई। इसी बीच उनका 15 वर्षीय इकलौता बेटा राज अपने पिता के शव को देखकर बुरी तरह फफक-फफक कर रोने लगा। पिता से बेहद लगाव रखने वाला राज इस भयानक सच को स्वीकार नहीं कर पाया और रोते-रोते अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। बदहवास परिजन राज को लेकर तुरंत दोबारा जिला अस्पताल की तरफ दौड़े। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे उपचार के दौरान राज ने भी दम तोड़ दिया।

डॉक्टर बोले- गहरे मानसिक आघात (हार्ट अटैक) से गई जान

ज्योति प्रकाश के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि राज अपने पिता से बहुत ज्यादा जुड़ा हुआ था। वह पिता के बिना एक पल नहीं रहता था। डॉक्टरों के मुताबिक, पिता की अचानक मौत की खबर और सामने उनका शव देखकर मासूम बच्चे को इतना गहरा मानसिक आघात (Severe Mental Shock) लगा कि उसका दिल यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पूरी चिकित्सीय जांच के बाद ही साफ हो पाएगी, लेकिन प्रथम दृष्टया इसे हार्ट फेलियर या गहरा शॉक माना जा रहा है।

गांव में नहीं जला किसी के घर चूल्हा, एक साथ निकलीं बाप-बेटे की अर्थियां

रविवार की दोपहर जैसे ही गांव में यह खबर फैली कि पिता के बाद बेटे राज की भी मौत हो गई है, पूरे परसा हज्जाम गांव में सन्नाटा पसर गया। किसी भी ग्रामीण के घर में दोपहर का चूल्हा तक नहीं जला। हर आंख नम थी और हर कोई इस दैवीय प्रकोप को देखकर हैरान-परेशान था। जब शाम के वक्त घर के एक ही आंगन से पिता ज्योति प्रकाश और बेटे राज की अर्थी एक साथ उठी, तो वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों का कलेजा फट गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे बस्ती जिले में इस मर्माहत करने वाली घटना की चर्चा हो रही है।

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