Sunday , 31 May 2026

विकास, सुरक्षा और वित्तीय समृद्धि के संतुलन पर आधारित होगा आगामी बजट….मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

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  • लोककल्याण केंद्रित बजट की करें तैयारी: मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री ने 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर किया व्यापक विचार-विमर्श
  • मुख्यमंत्री का निर्देश, बजट का हर प्रावधान आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला हो….
  • मुख्यमंत्री ने कहा: लोककल्याण और वित्तीय अनुशासन एक-दूसरे के पूरक, दोनों से समझौता नहीं
  • विगत नौ वर्षों की विकास यात्रा से बढ़ी जन-अपेक्षाएं, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनहित: मुख्यमंत्री
  • लोककल्याण,कानून-व्यवस्था और अवसंरचना को साथ लेकर आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश

Voiceofindia,Digital Deskलखनऊ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास, सुरक्षा और समृद्धि की जिस दिशा में ठोस प्रगति की है, उससे प्रदेश की जनता को सरकार से बड़ी आशा है और जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ब

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी बजट का केंद्र लोककल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही बजट की आत्मा होनी चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री के अधीन विभागों तथा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के विभागों के बजट प्रस्तावों, नई मांगों और केंद्रीय बजट 2026-27 के परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा भी हुई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बारी-बारी से विभागीय प्रमुख सचिव गणों से चालू वित्तीय वर्ष में बजट के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृति और खर्च के संबंध में अद्यतन जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 01 फरवरी को केंद्र सरकार का आम बजट आने वाला है। उसमें उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रावधानों को देखें और तदनुसार अपने विभागीय बजट प्रस्ताव में आवश्यक सुधार करें।

बैठक में बताया गया कि 2026-27 के प्रस्तावों में लोककल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता, सामाजिक सुरक्षा के विस्तार और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रावधानों को इस दृष्टि से देखा गया है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था ही विकास और निवेश का आधार है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, न्याय और प्रशासन से जुड़े विभागों के प्रस्ताव जन-सुरक्षा, त्वरित न्याय और आम नागरिक के विश्वास को और मजबूत करने वाले हों।

बैठक में यह भी बताया गया कि सड़क, भवन और अन्य अवसंरचनात्मक विकास से जुड़े प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश की कनेक्टिविटी, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है, ताकि विकास का लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने वित्तीय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि लोककल्याण और वित्तीय अनुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि संसाधनों का उपयोग इस प्रकार हो कि योजनाओं की गुणवत्ता बढ़े, समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और जनता को वास्तविक परिणाम दिखाई दें।

बैठक में बताया गया कि राजस्व सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक सुधार और व्यय दक्षता से जुड़े प्रस्तावों को इस तरह समाहित किया गया है, जिससे राज्य की वित्तीय समृद्धि और स्थिरता बनी रहे तथा विकास कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने जिस विश्वास के साथ आगे बढ़कर देश में अपनी नई पहचान बनाई है, आगामी बजट उसी विश्वास को और मजबूत करने वाला होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-आकांक्षाओं, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और दीर्घकालिक विकास को संतुलित रखते हुए प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष का बजट लोककल्याण, सुशासन और वित्तीय समृद्धि के माध्यम से प्रदेश की जनता के सपनों और अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर और परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह की विशेष उपस्थिति रही।

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