
ब्यूरो, अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या अपने दसवें ऐतिहासिक दीपोत्सव के स्वागत के लिए सज-धज कर पूरी तरह तैयार है। आस्था, भक्ति और भव्यता के इस महाकुंभ में इस बार न सिर्फ नया विश्व रिकॉर्ड कायम करने की तैयारी है, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और आधुनिक तकनीक का एक अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा। दीपोत्सव-2026 के इस गौरवशाली अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पूरी रामनगरी दीपों की अलौकिक आभा से जगमगा उठेगी।
56 घाटों पर प्रज्ज्वलित होंगे 30 लाख दीप, 2,151 अर्चक करेंगे सरयू महाआरती
रामनगरी में तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस वर्ष राम की पैड़ी समेत सरयू नदी के कुल 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीप एक साथ प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही सरयू के तट पर एक अत्यंत मनोहारी आध्यात्मिक दृश्य उपस्थित होगा, जब 2 हजार 151 वेदाचार्य और अर्चक एक स्वर में भव्य महाआरती संपन्न कराएंगे। इस महाआयोजन को जमीन पर उतारने के लिए 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 जोनल पर्यवेक्षक लगातार मैदान में डटे हुए हैं।
गंगा-जमुनी तहजीब की महक: मुस्लिम कारीगर संवार रहे रामकथा की झांकियां
अयोध्या के इस पावन उत्सव में भारत की साझी संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल भी देखने को मिल रही है। भगवान श्रीराम के जीवन दर्शन और रामायण के सातों कांडों पर आधारित भव्य शोभायात्रा की झांकियों को अंतिम रूप देने में मुस्लिम कारीगर भी दिन-रात जुटे हुए हैं। आस्था का यह संदेश पूरे विश्व को एकता और समरसता की नई राह दिखा रहा है।
2,100 स्वदेशी ड्रोन आसमान में बनाएंगे राम दरबार, गूंजेगा संगीतमय नैरेशन
इस बार दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण आसमान में होने वाला भव्य एरियल ड्रोन शो होगा। दीपावली की पूर्व संध्या पर 2,100 रंग-बिरंगे स्वदेशी ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर आकाश में रामायण के अमर प्रसंगों को सजीव करेंगे। वीर मुद्रा में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान, रावण वध, पुष्पक विमान और भव्य राम दरबार की अलौकिक आकृतियां अंधेरी रात में रोशनी बिखेरेंगी। इसके अलावा महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, राम मंदिर और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के प्रतीक चिह्न भी आसमान में उभरेंगे। इस शो को दृश्य संरचना, खास वॉयस ओवर और संगीतमय नैरेशन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों के लिए 9 नवंबर को एक विशेष ड्रोन शो का प्रदर्शन भी रखा गया है।
1.71 लाख से 30 लाख दीयों का सफर: साल-दर-साल बने कीर्तिमान
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी दी कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में महज 1.71 लाख दीपों से दीपोत्सव की यात्रा शुरू हुई थी। यह कारवां हर साल बढ़ता गया:
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वर्ष 2017: 1.71 लाख दीप
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वर्ष 2018: 3.01 लाख दीप
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वर्ष 2019: 4.04 लाख दीप
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वर्ष 2020: 6.06 लाख दीप
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वर्ष 2021: 9.41 लाख दीप
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वर्ष 2022: 15.76 लाख दीप
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वर्ष 2023: 22.23 लाख दीप
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वर्ष 2024: 25.12 लाख दीप
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वर्ष 2025: 26.11 लाख दीप
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वर्ष 2026: 30 लाख से अधिक दीपों का नया लक्ष्य
मंत्री ने स्पष्ट किया कि दीयों की यह अनवरत बढ़ती संख्या केवल संख्या बल नहीं, बल्कि प्रभु राम के प्रति दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं के अगाध विश्वास और श्रद्धा का विस्तार है।
अंतरराष्ट्रीय रामलीला का मंचन और जेन-जी के लिए स्मार्ट आकर्षण
दीपोत्सव को युवा पीढ़ी (Gen-Z) और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के अनुकूल बनाने के लिए तकनीक का भरपूर उपयोग किया गया है। राम की पैड़ी पर मल्टीमीडिया 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो का आयोजन होगा, जिसमें 100 से ज्यादा कलाकार लाइव प्रस्तुतियां देंगे। पूरे शहर में सेल्फी प्वाइंट, सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन, क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट साइनेज और डिजाइनर लाइटिंग पोल लगाए गए हैं। रामकथा पार्क में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय रामलीला में असम, केरल और बंगाल के कलाकारों के साथ-साथ श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और इंडोनेशिया (बाली) के दल प्रभु राम के जीवन प्रसंगों का मंचन करेंगे। वहीं, क्वीन हो मेमोरियल पार्क में 5 से 9 नवंबर तक विशेष दीपोत्सव मेले व प्रदर्शनी में सांस्कृतिक विविधता के रंग बिखर रहे हैं।
सुरम्य सरयू तट पर पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन आतिशबाजी
पर्यावरण की शुद्धता को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष ध्वनि और वायु प्रदूषण मुक्त म्यूजिकल ग्रीन फायर क्रैकर्स शो का खाका तैयार किया गया है। संगीत की धुनों के तालमेल के साथ आसमान में होने वाली यह एरियल आतिशबाजी अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की याद दिलाएगी।
चाक-चौबंद सुरक्षा: महिला सुरक्षा से लेकर रूट डायवर्जन तक कड़े इंतजाम
लाखों की तादाद में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं और विदेशी मेहमानों की सहूलियत के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पेयजल, मोबाइल शौचालय, स्वच्छता और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है। नया घाट स्थित मुख्य सरयू आरती स्थल का जिम्मा एडीएम प्रशासन विशु राजा और एसडीएम पवन कुमार शर्मा संभाल रहे हैं। वहीं, पूरी रामनगरी की यातायात और पार्किंग व्यवस्था का जिम्मा एडीएम इंद्राकांत द्विवेदी के हाथों में है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें, ताकि किसी भी श्रद्धालु, पर्यटक अथवा वीआईपी अतिथि को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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